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मेयर हेमलता नेगी ने पेयजल और सीवर को लेकर सीएम को भेजा पत्र
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कोटद्वार। मेयर हेमलता नेगी ने आगामी 50 सालों में बढ़ने वाली जनसंख्या के मद्देनजर नगर निगम में पेयजल एवं सीवर की व्यवस्था करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से जल्द सर्वे कराकर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।
रविवार को मेयर हेमलता नेगी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा कि नगर निगम बनने के बाद जनता के हितों एवं बढ़ती आबादी को देखते हुए उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पेयजल एवं सीवर की व्यवस्था करना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अब शहरी क्षेत्र में एक व्यक्ति को 140 लीटर प्रति व्यक्ति पानी प्रतिदिन दिया जाना जरूरी है। इसके लिए नगर निगम को छह सेक्टरों में विभक्त कर 15 नलकूप और 15 जलाशयों के निर्माण के साथ ही सीवर लाइनों एवं सीवर ट्रीटमेंट की स्वीकृति भी जरूरी है। कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री से कोटद्वार नगर निगम के विकास कार्यों पर चर्चा हुई थी, जिसमें उन्होंने विकास कार्यों को पूरा कराने का भरोसा दिया था। कहा कि वर्तमान में एडीबी द्वारा धीमी गति से सर्वे कराया जा रहा है, जिससे व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जल्द सर्वे कार्य पूरा कराकर आगणन तैयार कर निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग की है। साथ ही जल संस्थान द्वारा नगर निगम में सम्मिलित ग्रामीण क्षेत्रों में सीवर टैक्स वसूली को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
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रविवार को मेयर हेमलता नेगी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा कि नगर निगम बनने के बाद जनता के हितों एवं बढ़ती आबादी को देखते हुए उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए पेयजल एवं सीवर की व्यवस्था करना नितांत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अब शहरी क्षेत्र में एक व्यक्ति को 140 लीटर प्रति व्यक्ति पानी प्रतिदिन दिया जाना जरूरी है। इसके लिए नगर निगम को छह सेक्टरों में विभक्त कर 15 नलकूप और 15 जलाशयों के निर्माण के साथ ही सीवर लाइनों एवं सीवर ट्रीटमेंट की स्वीकृति भी जरूरी है। कहा कि पूर्व में मुख्यमंत्री से कोटद्वार नगर निगम के विकास कार्यों पर चर्चा हुई थी, जिसमें उन्होंने विकास कार्यों को पूरा कराने का भरोसा दिया था। कहा कि वर्तमान में एडीबी द्वारा धीमी गति से सर्वे कराया जा रहा है, जिससे व्यवहारिक दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जल्द सर्वे कार्य पूरा कराकर आगणन तैयार कर निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग की है। साथ ही जल संस्थान द्वारा नगर निगम में सम्मिलित ग्रामीण क्षेत्रों में सीवर टैक्स वसूली को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
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