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डीडीए में 340 नक्शे पास, एक भी कंप्लीशन प्रमाण पत्र नहीं हुआ निर्गत
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कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत बनने वाले किसी भी भवन में नियमानुसार कंप्लीशन प्रमाण पत्र नहीं दिए गए हैं। जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) से मानचित्र स्वीकृत होने के बाद कोई भी भवन स्वामी डीडीए को निर्माण कार्य पूरा होने की सूचना नहीं देता है। जिसके चलते डीडीए की ओर से प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पाते हैं।
नवंबर 2017 में प्रदेश सरकार की ओर से डीडीए के गठन की घोषणा की गई। गठन से लेकर 10 मई 2019 तक डीडीए से कुल 339 भवनों के नक्शे पास किए गए, जिसमें से 325 नक्शे आवासीय भवनों के हैं, जबकि 14 कॉमर्शियल भवनों के नक्शे पास हैं, लेकिन किसी भी भवन स्वामी ने निर्माण कार्य पूर्ण होने की सूचना नहीं दी, जिससे स्पष्ट है कि इन भवनों का निर्माण नियमानुसार पूर्ण नहीं माना जाएगा।
सामाजिक कार्यकर्ता मुजीब नैथानी ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण के पास वैध रूप से कंपाउड नियमावली तक नहीं है। विधिक रूप से शुल्क भी नहीं लिया जा रहा है। पूरा प्राधिकरण खानापूर्ति के तहत संचालित हो रहा है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आधिकारिक रूप से डीडीए संचालित हो, तो लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होगी और लोग डीडीए से नक्शा पास भी कराने को सहमत होंगे।
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गठन के दो वर्ष बाद भी नहीं बना विभागीय ढांचा
कोटद्वार। जिला विकास प्राधिकरण का गठन हुए दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन विभागीय ढांचा अभी तक नहीं बना है। स्थिति यह है कि शासन की ओर से सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के दो जेई को अटैच किया गया है। इसके अलावा तहसील से एक लिपिक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इस कार्यालय में अटैच किया गया है। सब रजिस्ट्रार कार्यालय के पुराने भवन में डीडीए का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन इस कार्यालय में दिन भर महज दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही मौजूद रहते हैं। स्थिति यह है कि दो-दो विभागों का वर्क लोड होने के कारण अधिकारी और कर्मचारी भी इससे मुक्त होना चाहते हैं।
जिला विकास प्राधिकरण की जेई रोमा भारद्वाज ने कहा कि उच्चाधिकारियों की ओर से कंप्लीशन प्रमाण पत्र निर्गत करने के संबंध में अभी तक कोई आदेश पारित नहीं किए गए हैं और ना ही किसी भी व्यक्ति की ओर से कंप्लीशन प्रमाण पत्र के लिए कहा गया है।
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नवंबर 2017 में प्रदेश सरकार की ओर से डीडीए के गठन की घोषणा की गई। गठन से लेकर 10 मई 2019 तक डीडीए से कुल 339 भवनों के नक्शे पास किए गए, जिसमें से 325 नक्शे आवासीय भवनों के हैं, जबकि 14 कॉमर्शियल भवनों के नक्शे पास हैं, लेकिन किसी भी भवन स्वामी ने निर्माण कार्य पूर्ण होने की सूचना नहीं दी, जिससे स्पष्ट है कि इन भवनों का निर्माण नियमानुसार पूर्ण नहीं माना जाएगा।
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सामाजिक कार्यकर्ता मुजीब नैथानी ने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण के पास वैध रूप से कंपाउड नियमावली तक नहीं है। विधिक रूप से शुल्क भी नहीं लिया जा रहा है। पूरा प्राधिकरण खानापूर्ति के तहत संचालित हो रहा है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आधिकारिक रूप से डीडीए संचालित हो, तो लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होगी और लोग डीडीए से नक्शा पास भी कराने को सहमत होंगे।
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गठन के दो वर्ष बाद भी नहीं बना विभागीय ढांचा
कोटद्वार। जिला विकास प्राधिकरण का गठन हुए दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन विभागीय ढांचा अभी तक नहीं बना है। स्थिति यह है कि शासन की ओर से सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग के दो जेई को अटैच किया गया है। इसके अलावा तहसील से एक लिपिक और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इस कार्यालय में अटैच किया गया है। सब रजिस्ट्रार कार्यालय के पुराने भवन में डीडीए का बोर्ड लगाया गया है, लेकिन इस कार्यालय में दिन भर महज दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही मौजूद रहते हैं। स्थिति यह है कि दो-दो विभागों का वर्क लोड होने के कारण अधिकारी और कर्मचारी भी इससे मुक्त होना चाहते हैं।
जिला विकास प्राधिकरण की जेई रोमा भारद्वाज ने कहा कि उच्चाधिकारियों की ओर से कंप्लीशन प्रमाण पत्र निर्गत करने के संबंध में अभी तक कोई आदेश पारित नहीं किए गए हैं और ना ही किसी भी व्यक्ति की ओर से कंप्लीशन प्रमाण पत्र के लिए कहा गया है।