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कुते के काटने से दुगड्डा में मासूम की मौत
Updated Sat, 23 Jun 2018 10:52 PM IST
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दुगड्डा। पालिका क्षेत्र में रैबीज से पीड़ित छह साल की बच्ची की मौत का मामला प्रकाश में आया है। उसे करीब तीन महीने पहले कुत्ते ने काटा था, तब परिजनों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। दो दिन पहले उसकी हालत बिगड़ने पर बच्ची को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) दुगड्डा में भर्ती कराया, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे कोटद्वार चिकित्सालय रेफर किया, जहां बच्ची ने दम तोड़ दिया।
परिजनों के अनुसार दुगड्डा के सुभाष बाजार वार्ड के मालवीय नगर में श्रमिक मनोज कुमार किराए के मकान पर रहता है। उसकी छह वर्षीय बच्ची रितिका प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ती थी। करीब तीन माह पहले स्कूल से आते समय रितिका को कुत्ते ने काट लिया। परिजनों ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया और बच्ची को रैबीज के इंजेक्शन नहीं लगाए। रितिका के पिता ने बताया कि पांच दिन पहले ही उसके उसके व्यवहार में परिवर्तन होने लग गया था। वह पानी के निकट जाने से डरने लगी। दो दिन से वह परिजनों पर झपट रही थी।
पीएचसी दुगड्डा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. एसके बड़थ्वाल का कहना है कि दो दिन पूर्व जब बच्ची को अस्पताल में दिखाया गया, तो परिजनों ने कुत्ते के काटने की बात नहीं बताई। इसके चलते उसे कोटद्वार हायर सेंटर रेफर किया गया। घटना की जानकारी लगते ही बालिका के परिजनों को इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। सीएमओ पौड़ी डा. एनएस राणा का कहना है कि रैबीज से पीड़ित रोगियों को समय पर उपचार मिलना जरूरी है।
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परिजनों के अनुसार दुगड्डा के सुभाष बाजार वार्ड के मालवीय नगर में श्रमिक मनोज कुमार किराए के मकान पर रहता है। उसकी छह वर्षीय बच्ची रितिका प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ती थी। करीब तीन माह पहले स्कूल से आते समय रितिका को कुत्ते ने काट लिया। परिजनों ने घटना को गंभीरता से नहीं लिया और बच्ची को रैबीज के इंजेक्शन नहीं लगाए। रितिका के पिता ने बताया कि पांच दिन पहले ही उसके उसके व्यवहार में परिवर्तन होने लग गया था। वह पानी के निकट जाने से डरने लगी। दो दिन से वह परिजनों पर झपट रही थी।
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पीएचसी दुगड्डा के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. एसके बड़थ्वाल का कहना है कि दो दिन पूर्व जब बच्ची को अस्पताल में दिखाया गया, तो परिजनों ने कुत्ते के काटने की बात नहीं बताई। इसके चलते उसे कोटद्वार हायर सेंटर रेफर किया गया। घटना की जानकारी लगते ही बालिका के परिजनों को इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। सीएमओ पौड़ी डा. एनएस राणा का कहना है कि रैबीज से पीड़ित रोगियों को समय पर उपचार मिलना जरूरी है।
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