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बिना अनुबंध के लाखों की तहबाजारी वसूल ठेकेदार फरार
Updated Sat, 18 Aug 2018 10:56 PM IST
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कोटद्वार। नगर निगम बनने से पूर्व की नगर पालिका के कार्यकाल में तहबाजारी वसूली से संबंधित एक वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। पालिका प्रशासन की लापरवाही के चलते ठेकेदार पूरे साल की तहबाजारी वसूलकर चलता बना। ठेकेदार की ओर से उक्त रकम नगर पालिका में जमा नहीं कराई गई है।
नगर पालिका कर्मियों की लापरवाही की वजह से नगर निगम को 9.25 लाख रुपये का चूना लग गया है। दरअसल नगर पालिका ने एक ठेकेदार को वर्ष 2017-18 में 9.25 लाख का तहबाजारी का ठेका दे दिया। ठेका देने के बाद नगर पालिका के अधिकारी उसका अनुबंध कराना भूल गए। नतीजा यह हुआ कि ठेकेदार पूरे साल तहबाजारी वसूलता रहा। उसने एक धेला भी नगर पालिका में जमा नहीं कराया। नगर निगम बनने के बाद मामला संज्ञान में आने पर अधिकारियों के हाथ पैर फूलने लगे तो आनन-फानन में उसकी पालिका में जमा करीब 50 हजार रुपये की सिक्योरिटी जब्त करने के आदेश दिए गए। अब ठेकेदार के खिलाफ 9.25 लाख रुपये की आरसी काट दी गई है। राजस्व वसूली के सभी दस्तावेज तहसील प्रशासन को सौंप दिए गए हैं।
कहां से वसूली जाती है तहबाजारी
नगर पालिका (वर्तमान में नगर निगम) नगर में करीब 350 रजिस्टर्ड रेहड़ी व ठेली लगाकर व्यापार करने वालों के साथ ही रोजाना फड़ लगाकर व्यापार करने वाले लघु व्यापारियों से तहबाजारी वसूलता है। वर्ष 2017-18 में तहबाजारी वसूलने के लिए भी एक ठेकेदार नियुक्त किया गया था।
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9.25 लाख की तहबाजारी ठेकेदार द्वारा जमा नहीं करवाने पर यह मामला राजस्व वसूली के लिए जिला प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया है। यह बात भी सामने आई है कि तहबाजारी के लिए तत्कालीन नगर पालिका के कर्मियों और अधिकारियों की ओर से ठेकेदार से कोई अनुबंध ही नहीं बनाया गया था।
-राजेश नैथानी, सहायक नगर आयुक्त
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नगर पालिका कर्मियों की लापरवाही की वजह से नगर निगम को 9.25 लाख रुपये का चूना लग गया है। दरअसल नगर पालिका ने एक ठेकेदार को वर्ष 2017-18 में 9.25 लाख का तहबाजारी का ठेका दे दिया। ठेका देने के बाद नगर पालिका के अधिकारी उसका अनुबंध कराना भूल गए। नतीजा यह हुआ कि ठेकेदार पूरे साल तहबाजारी वसूलता रहा। उसने एक धेला भी नगर पालिका में जमा नहीं कराया। नगर निगम बनने के बाद मामला संज्ञान में आने पर अधिकारियों के हाथ पैर फूलने लगे तो आनन-फानन में उसकी पालिका में जमा करीब 50 हजार रुपये की सिक्योरिटी जब्त करने के आदेश दिए गए। अब ठेकेदार के खिलाफ 9.25 लाख रुपये की आरसी काट दी गई है। राजस्व वसूली के सभी दस्तावेज तहसील प्रशासन को सौंप दिए गए हैं।
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कहां से वसूली जाती है तहबाजारी
नगर पालिका (वर्तमान में नगर निगम) नगर में करीब 350 रजिस्टर्ड रेहड़ी व ठेली लगाकर व्यापार करने वालों के साथ ही रोजाना फड़ लगाकर व्यापार करने वाले लघु व्यापारियों से तहबाजारी वसूलता है। वर्ष 2017-18 में तहबाजारी वसूलने के लिए भी एक ठेकेदार नियुक्त किया गया था।
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9.25 लाख की तहबाजारी ठेकेदार द्वारा जमा नहीं करवाने पर यह मामला राजस्व वसूली के लिए जिला प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया है। यह बात भी सामने आई है कि तहबाजारी के लिए तत्कालीन नगर पालिका के कर्मियों और अधिकारियों की ओर से ठेकेदार से कोई अनुबंध ही नहीं बनाया गया था।
-राजेश नैथानी, सहायक नगर आयुक्त