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एसटीएफ से कराएं जीएमओयू कर्मी मनोज कुकसाल की संदिग्ध मौत की जांच
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:49 PM IST
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कोटद्वार। जीएमओयू कंपनी के श्रीनगर गढ़वाल कार्यालय में बुकिंग क्लर्क के रूप में कार्यरत मनोज कुकशाल की संदिग्ध हालात में हुई मौत की जांच एसटीएफ से कराने की मांग पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रमुख सचिव गृह को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। परिजनों ने इस आशय का पत्र वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत को सौंपा था।
कोटद्वार के बालासौड़ निवासी पारेश्वरदत्त कुकशाल ने बताया कि उनका बेटा मनोज कुकसाल उत्तराखंड की सबसे बड़ी सहकारी क्षेत्र की परिवहन कंपनी जीएमओयू में बुकिंग क्लर्क के रुप से श्रीनगर गढ़वाल में तैनात था। गत 20 सितंबर को उसकी संदिग्ध मौत की खबर मिली। पुलिस ने जहां इस मामले को खुदकुशी का बताया, वहीं घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला बनता है। कहा कि घटना के दिन से ही वह पुलिस से इस मामले को हत्या बताते हुए जांच करने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी नहीं सुनी जा रही है। श्रीनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने उनके पुत्र की संदिग्ध मौत की जांच एसटीएफ से कराने के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत से आग्रह किया था। जिस पर मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा कि श्रीनगर पुलिस की आत्महत्या की कहानी परिजनों के गले नहीं उतर रही है। एसटीएफ जांच से वास्तविकता सामने आ सकती है।
जारी
चंद्रमोहन शुक्ला
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कोटद्वार के बालासौड़ निवासी पारेश्वरदत्त कुकशाल ने बताया कि उनका बेटा मनोज कुकसाल उत्तराखंड की सबसे बड़ी सहकारी क्षेत्र की परिवहन कंपनी जीएमओयू में बुकिंग क्लर्क के रुप से श्रीनगर गढ़वाल में तैनात था। गत 20 सितंबर को उसकी संदिग्ध मौत की खबर मिली। पुलिस ने जहां इस मामले को खुदकुशी का बताया, वहीं घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला बनता है। कहा कि घटना के दिन से ही वह पुलिस से इस मामले को हत्या बताते हुए जांच करने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी नहीं सुनी जा रही है। श्रीनगर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने उनके पुत्र की संदिग्ध मौत की जांच एसटीएफ से कराने के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत से आग्रह किया था। जिस पर मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव गृह को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कहा कि श्रीनगर पुलिस की आत्महत्या की कहानी परिजनों के गले नहीं उतर रही है। एसटीएफ जांच से वास्तविकता सामने आ सकती है।
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जारी
चंद्रमोहन शुक्ला