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आंदोलनकारियों के चिह्निकरण में भेदभाव बर्दाश्त नहीं

Mon, 30 Oct 2017 10:34 PM IST
Updated Mon, 30 Oct 2017 10:34 PM IST
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आंदोलनकारियों के चिह्निकरण में भेदभाव बर्दाश्त नहीं
कोटद्वार। आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की मांग को लेकर उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा ने सोमवार को लगातार सातवें दिन कोटद्वार तहसील में सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। कहा कि आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण में सरकार भेदभाव अपना रही है। उन्होंने पूरे प्रदेश में चिह्नीकरण के समान मानक अपनाने की मांग करते हुए चिह्नीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
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सोमवार को तहसील परिसर स्थित धरना स्थल पर हुई सभा में आंदोलनकारियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण की प्रक्रिया को ही रोक दिया गया है। अलग-अलग जिलों में चिह्नीकरण की प्रक्रिया में ही भेदभाव किया गया है। कहा कि जिन आंदोलनकारियों की मृत्यु हो चुकी है, उनकी विधवाओं और आश्रितों को इसका लाभ दिया जाना चाहिए। संगठन के संरक्षक नंदन सिंह रावत ने कहा कि चिह्नित राज्य आंदोलनकारी खाते में पेंशन के लिए परिचय पत्र और आधार कार्ड की छाया प्रति धरना स्थल पर जमा करवा दें। धरना-प्रदर्शन में महेंद्र सिंह रावत, नंदन सिंह रावत, कमल किशोर खंतवाल, इच्छा देवी, हरी सिंह रावत, नसीम अब्बासी, राकेश चंद्र लखेड़ा, मंजू शर्मा, किशोरीलाल, एमएस रावत, सुबोध थापा, नवीन चमोली, राजकुमार गुप्ता, रत्ना देवी, मनोज उप्पल, संगीता रावत, सरस्वती देवी, पराग केष्टवाल, राम सिंह सैनी, शाकंबरी देवी समेत कई लोग मौजूद थे।
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