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तैड़िया गांव में बाघ ने उधेड़ी गौशाला की छत, ग्रामीणों में दहशत
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कोटद्वार। रिखणीखाल ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम तैड़िया के तोक गांव उमराखोली में बाघ ने एक गोशाला की छत तोड़कर वहां बंधी दुधारू गाय को मारने का प्रयास किया। पशुपालक ने शोर मचाकर बाघ को वहां से भगाया। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
तैड़िया गांव निवासी गोविंदराम और कमला देवी ने बताया कि बुधवार रात अचानक ही गोशाला की छत पर तेज आवाज सुनाई दी। वह टॉर्च लेकर बाहर निकले तो गोशाला की छत पर बैठा गुलदार पठाल को खिसका रहा था, तभी पठाल नीचे गिरकर टूट गई। इसके बाद गुलदार छत को तोड़ने के लिए पंजों से बल्ली खिसकाने लगा। उन्होंने शोर मचाकर गुलदार को वहां से भगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की जानकारी वन कर्मियों को दी गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि कार्बेट पार्क के बीच में बसे तैड़िया गांव में जंगली जानवरों का आतंक है। जंगली जानवर आए दिन पशुओं को अपना निवाला बनाते रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग और शासन-प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। जंगली जानवरों से ग्रामीणों का जीवन खतरे में है।
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अशोक केष्टवाल
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तैड़िया गांव निवासी गोविंदराम और कमला देवी ने बताया कि बुधवार रात अचानक ही गोशाला की छत पर तेज आवाज सुनाई दी। वह टॉर्च लेकर बाहर निकले तो गोशाला की छत पर बैठा गुलदार पठाल को खिसका रहा था, तभी पठाल नीचे गिरकर टूट गई। इसके बाद गुलदार छत को तोड़ने के लिए पंजों से बल्ली खिसकाने लगा। उन्होंने शोर मचाकर गुलदार को वहां से भगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की जानकारी वन कर्मियों को दी गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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ग्रामीणों ने कहा कि कार्बेट पार्क के बीच में बसे तैड़िया गांव में जंगली जानवरों का आतंक है। जंगली जानवर आए दिन पशुओं को अपना निवाला बनाते रहते हैं, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग और शासन-प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा। जंगली जानवरों से ग्रामीणों का जीवन खतरे में है।
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अशोक केष्टवाल