फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   घराट गदेरे पर हुआ अतिक्रमण, हजारों की आबादी पर मंडरा रहा खतरा

घराट गदेरे पर हुआ अतिक्रमण, हजारों की आबादी पर मंडरा रहा खतरा

Mon, 10 Dec 2018 10:12 PM IST
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:12 PM IST
विज्ञापन
घराट गदेरे पर हुआ अतिक्रमण, हजारों की आबादी पर मंडरा रहा खतरा
कोटद्वार। वन विभाग और राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते मवाकोट स्थित घराट गदेरा अतिक्रमण की चपेट में आ गया है। अतिक्रमण के चलते गदेरे की चौड़ाई महज ढाई मीटर रह गई है, जिससे बरसात में यह गदेरा हजारों की आबादी पर बाढ़ का कहर बरपा रहा है। गदेरे के दोनों ओर अतिक्रमणकारियों ने सरकारी भूमि पर कब्जे कर पक्के निर्माण कर दिए हैं, जो अब भी जारी हैं।
विज्ञापन

ब्रिटिश शासनकाल में मालन नदी में बाईं मालन सिंचाई नहर का निर्माण कराया गया था। मवाकोट गेंद मेले के समीप ही इस नहर पर घराट का निर्माण कराया गया। इस घराट के सामने ही लैंसडौन वन प्रभाग के जंगलों से आने वाला बरसाती गदेरा बाईं मालन सिंचाई नहर में मिलता है। इसके चलते इस गदेरे को घराट गदेरे के नाम से जाना जाता है। वर्तमान में यह बरसाती गदेरा अतिक्रमण की चपेट में है। अतिक्रमणकारियों ने गदेरे के दोनों ओर कब्जा कर पक्के निर्माण कर दिए हैं। वर्ष 2017 में आई आपदा के बाद गदेरे से लगी वन विभाग की भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। सूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचना में सूचना अधिकारी/राजस्व उप निरीक्षक द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना में स्पष्ट किया गया है कि 1960 के बंदोबस्त में पश्चिम की ओर नाले की चौड़ाई 20 मीटर और पूरब की ओर नाले की चौड़ाई 20 मीटर नाले की कुल चौड़ाई 40 मीटर दर्शायी गई है, लेकिन इसके विपरीत वर्तमान में नाले की चौड़ाई महज ढाई मीटर ही रह गई है।
विज्ञापन

सामाजिक कार्यकर्ता भवानी दत्त लखेड़ा, विकास जोशी, सचिन, अनिल कुमार बिष्ट, मदन सिंह चौधरी व विक्रांत कुमार आदि ने कहा कि नाले को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए एसडीएम, डीएम, वन मंत्री, मुख्यमंत्री, सिंचाई मंत्री, प्रधानमंत्री, सेवा का अधिकार, वन विभाग, मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल में शिकायत की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

लैंसडौंन वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज के रेंजर आरपी पंत ने कहा कि मामले में ग्रामीणों की शिकायत पर मौके पर पहुंचकर जायजा लिया गया। इस दौरान वन भूमि में अतिक्रमण कर रहे ग्रामीणों को चेतावनी देकर काम रुकवा दिया गया है।

-फोटो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed