{"_id":"5c02baadbdec22415e42cfec","slug":"131543682733-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौंदकोट महोत्सव के अंतिम दिन अनिल बिष्ट और साथियों ने बिखेरी सतरंगी छटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौंदकोट महोत्सव के अंतिम दिन अनिल बिष्ट और साथियों ने बिखेरी सतरंगी छटा
Updated Sat, 01 Dec 2018 10:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सतपुली। ब्लाक मुख्यालय एकेश्वर में आयोजित चार दिवसीय चौंदकोट महोत्सव का रंगारंग समापन हो गया। अंतिम दिन मुख्यमंत्री के पीआरओ गोपाल रावत एवं उत्तराखंड रत्न डा. जेपी सेमवाल ने शुभारंभ किया। सीएम के पीआरओ गोपाल रावत ने ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं एवं ब्लाक प्रमुख सुधा नेगी द्वारा दिए गए मांगपत्र को सीएम के सम्मुख रखकर निराकरण का आश्वासन दिया। लोकगायक अनिल बिष्ट ने ऐजा हे भानुमती पाबौ बजारा, मेरी सुनीता, पुष्पा छोरी, गायक जितेंद्र चौहान ने मेला खोलों मा, अपणी तौं शरम्यली आख्यूं और शिवांगी घिल्डियाल के टीरी की राणी गीतों की प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हास्य कलाकार पन्नू गुसाईं ने चुटीली हास्य प्रस्तुतियों से दशकों को हंसा-हंसाकर लोटपोट कर दिया। इस मौके पर पर्यटन मंत्री के पीआरओ राय सिंह नेगी, महोत्सव समिति के अध्यक्ष नरेंद्र डंडरियाल, संयोजक रविंद्र नेगी, तेजपाल पंवार, नरेंद्र नेगी, पंकज पोखरियाल, कैलाश रावत, बृजमोहन नेगी आदि मौजूद रहे।
सीएम के न पहुंचने से लोगों में निराशा
सतपुली। महोत्सव के समापन पर मुख्यमंत्री के न पहुंचने से आयोजकों समेत भारी संख्या में उमडे़ जन सैलाब को मायूसी हाथ लगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पहुंचना था। 30 को उनके दिल्ली में होने के चलते महोत्सव को एक दिन और बढ़ाया गया। लेकिन, शनिवार को भी सीएम के न आने से ग्रामीणों के हाथ निराशा ही लगी।
फोटो
विज्ञापन
सीएम के न पहुंचने से लोगों में निराशा
सतपुली। महोत्सव के समापन पर मुख्यमंत्री के न पहुंचने से आयोजकों समेत भारी संख्या में उमडे़ जन सैलाब को मायूसी हाथ लगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पहुंचना था। 30 को उनके दिल्ली में होने के चलते महोत्सव को एक दिन और बढ़ाया गया। लेकिन, शनिवार को भी सीएम के न आने से ग्रामीणों के हाथ निराशा ही लगी।
विज्ञापन
फोटो