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फल, सब्जी और मसालों के उत्पादन से होगी काश्तकारों की आर्थिकी मजबूत

Tue, 14 May 2019 10:43 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2019 10:43 PM IST
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फल, सब्जी और मसालों के उत्पादन से होगी काश्तकारों की आर्थिकी मजबूत
कोटद्वार। उद्यान एवं फल प्रसंस्करण विभाग की योजना परवान चढ़ी तो जल्द ही काश्तकार फल, सब्जी और मसाले का उत्पादन कर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से कोटद्वार संभाग के आठ ब्लॉकों में 10 मॉडर्न कलस्टर तैयार किए जा रहे हैं, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
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उद्यान एवं फल प्रसंस्करण विभाग कोटद्वार की ओर से इन दिनों आगामी तीन वर्षोें के लिए मॉडर्न कलस्टर तैयार किया जा रहा है। इस कलस्टर में आम, लीची और नाशपाती के साथ ही टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी, फ्रासबीन, भिंडी, मटर, आलू, प्याज, अदरक व हल्दी आदि के बृहद उत्पादन के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। विभाग की ओर से आम के उत्पादन के लिए मॉडर्न कलस्टर में दुगड्डा ब्लॉक में तीन गांवों रामणी, उमरैला, सिमलना, जयहरीखाल के सुखोली गांव, यमकेश्वर ब्लॉक के धमांद, द्वारीखाल ब्लॉक के ओडल व पोखड़ा ब्लॉक के चमनाऊ को शामिल किया गया है। इसके तहत आगामी तीन वर्षों में 127 हेक्टेयर भूमि पर आम की बागवानी होगी। इससे अगले पांच साल बाद 3810 क्विंटल आम उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। काश्तकारों को इससे प्रतिवर्ष 76.20 लाख रुपये की आमदनी होगी। सुकोली में लीची और चमनाऊ में नाशपाती का उत्पादन भी किया जाएगा। आलू के उत्पादन के लिए रामणी, उमरैला, सिमलना, सुकोली, चमनाऊ ओड़ल के साथ बीरोंखाल ब्लॉक के कोठिला गांव को शामिल किया गया है। इसके तहत तीन वर्षों में 89 हेक्टेयर भूमि पर आलू का उत्पादन किया जाएगा, जिससे 99.60 लाख की आय होने की उम्मीद है। टमाटर, शिमला मिर्च, गोभी, फ्रासबीन, भिंडी, मटर के उत्पादन के लिए दुगड्डा ब्लॉक के रेवा गांव को शामिल किया गया है। इससे तीन सालों में 55 हेक्टेयर भूमि पर उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिससे काश्तकारों को 64.95 लाख रुपये की वार्षिक आय प्राप्त होगी। अदरक के उत्पादन के लिए रामणी, उमरैला, धमांद, सुकोली, चमनाऊ, ओडल और नैनीडांडा ब्लॉक के मैरा गांव को शामिल किया गया है। जिससे आगामी तीन वर्षों में 68 हेक्टेयर भूमि में अदरक का उत्पादन किया जाएगा। इससे काश्तकारों को वार्षिक 108 लाख रुपये की आय होने का अनुमान है। हल्दी के उत्पादन के लिए सिमलना, धमांद मैरा गांव को, मसाला मिर्च के उत्पादन के लिए सिमलना, मैरा, कोठिला गांव को चयनित किया गया है।
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पॉलीहाउस के लिए रामणी, उमरैला, सिमलना, धमांद, ओडल, सुकोली, रेवा, मैरा, कोठिला, चमनाऊ को शामिल किया गया है। मशरूम और मौन पालन के लिए रामणी, उमरैला, सिमलना, धमांद, ओडल, सुकोली, रेवा, मैरा, कोठिला व चमनाऊ को शामिल किया गया है।
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गढ़वाल आयुक्त के निर्देश पर 10 मॉडर्न कलस्टर तैयार किए जा रहे हैं। जल्द ही इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
-डा. एनके मिश्रा, उद्यान विशेषज्ञ उद्यान एवं फल प्रसंस्करण विभाग कोटद्वार।
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