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पनियाली गदेरे पर अतिक्रमण, हजारों की आबादी पर बाढ़ का खतरा
Updated Thu, 21 Jun 2018 10:28 PM IST
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कोटद्वार। पनियाली गदेरे में किया गया अतिक्रमण बरसात में निकटवर्ती आबादी के लिए खतरा बना हुआ है। पिछली बरसात में यहां बाढ़ से बहुत नुकसान हुआ था। इसके बाद भी यहां बाढ़ सुरक्षा के कार्य नहीं किए गए।
गत वर्ष तीन और चार अगस्त को पनियाली गदेरे में आए उफान से जौनपुर, सिताबपुर, आर्मी की सीएसडी कैंटीन, एमटी कैंप क्षेत्र, नगर पालिका की रिफ्यूजी कालोनी, बिजली घर, सूर्यनगर, प्रतापनगर, देवी नगर आदि क्षेत्रों में बाढ़ आ गई थी। बाढ़ में पांच लोगों की मौत हो हुई और कई घरों में पानी घुस गया था। अब स्थिति यह है कि पनियाली गदेरे में पूर्व में बनाई गई सुरक्षा दीवार के ऊपर भी लोगों ने अतिक्रमण कर झोपड़ी और मकान बना लिए हैं। गदेरे के दोनों ओर शिवपुर से सिताबपुर तक लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। पिछले वर्ष की आपदा से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। स्थिति यह है कि पिछली बरसात में कई स्थानों पर बही सुरक्षा दीवार का पुनर्निर्माण आज तक नहीं किया गया है। पनियाली और ग्वालगढ़ के तटवर्ती क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा बरकरार है। उधर, उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी ने कहा कि अवैैध अतिक्रमण को चिह्नित कर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
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गत वर्ष तीन और चार अगस्त को पनियाली गदेरे में आए उफान से जौनपुर, सिताबपुर, आर्मी की सीएसडी कैंटीन, एमटी कैंप क्षेत्र, नगर पालिका की रिफ्यूजी कालोनी, बिजली घर, सूर्यनगर, प्रतापनगर, देवी नगर आदि क्षेत्रों में बाढ़ आ गई थी। बाढ़ में पांच लोगों की मौत हो हुई और कई घरों में पानी घुस गया था। अब स्थिति यह है कि पनियाली गदेरे में पूर्व में बनाई गई सुरक्षा दीवार के ऊपर भी लोगों ने अतिक्रमण कर झोपड़ी और मकान बना लिए हैं। गदेरे के दोनों ओर शिवपुर से सिताबपुर तक लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। पिछले वर्ष की आपदा से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। स्थिति यह है कि पिछली बरसात में कई स्थानों पर बही सुरक्षा दीवार का पुनर्निर्माण आज तक नहीं किया गया है। पनियाली और ग्वालगढ़ के तटवर्ती क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा बरकरार है। उधर, उपजिलाधिकारी राकेश तिवारी ने कहा कि अवैैध अतिक्रमण को चिह्नित कर हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सिंचाई विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
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