{"_id":"5a64c9ae4f1c1b84268b59dc","slug":"121516554670-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय राजमार्ग पर धमके हाथी, आधा घंटा जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय राजमार्ग पर धमके हाथी, आधा घंटा जाम
Updated Sun, 21 Jan 2018 10:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग के जंगल के लगे राष्ट्रीय राजमार्ग पर हाथियों के झुंड ने धमकर करीब आधा घंटे तक मार्ग पर जाम लगा दिया। वन विभाग ने किसी प्रकार हाथियों को जंगल में खदेड़ा। उसके बाद यातायात सुचारू हो सका।
रविवार को सुबह करीब ग्यारह बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पीडब्लूडी गोदाम के पास मोड़ पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा था। तभी खोह नदी में पानी पीने के बाद आठ हाथियों का झुंड मार्ग पर धमक गया। मार्ग पर चल रहे वाहनों ने जैसे ही हाथी को अपने बच्चों सहित सड़क पर आते देखा, उनके होश उड़ गए। उन्होंने जैसे तैसे वाहनों पर ब्रेक मारा। सूचना पर रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल और डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को सड़क से हटाकर हाथी के लिए जंगल जाने का मार्ग खाली कराया। करीब आधा घंटा सड़क के करीब रहने के बाद हाथी अपने बच्चों सहित जंगल की ओर चला गया। हाथियों के जंगल की ओर जाने पर लोगों ने राहत की सांस ली। उसके बाद वन विभाग ने मार्ग यातायात के लिए खोल दिया।
-फोटो
विज्ञापन
रविवार को सुबह करीब ग्यारह बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोटद्वार-दुगड्डा के बीच पीडब्लूडी गोदाम के पास मोड़ पर यातायात सुचारू रूप से चल रहा था। तभी खोह नदी में पानी पीने के बाद आठ हाथियों का झुंड मार्ग पर धमक गया। मार्ग पर चल रहे वाहनों ने जैसे ही हाथी को अपने बच्चों सहित सड़क पर आते देखा, उनके होश उड़ गए। उन्होंने जैसे तैसे वाहनों पर ब्रेक मारा। सूचना पर रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल और डिप्टी रेंजर सतविंदर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने लोगों को सड़क से हटाकर हाथी के लिए जंगल जाने का मार्ग खाली कराया। करीब आधा घंटा सड़क के करीब रहने के बाद हाथी अपने बच्चों सहित जंगल की ओर चला गया। हाथियों के जंगल की ओर जाने पर लोगों ने राहत की सांस ली। उसके बाद वन विभाग ने मार्ग यातायात के लिए खोल दिया।
विज्ञापन
-फोटो