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खाई में गिरी कार, वृद्ध दंपति की मौत
Updated Mon, 02 Oct 2017 10:47 PM IST
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कोटद्वार/लैंसडौन/नैनबाग। गढ़वाल में दो स्थानों पर दो कारें खाई में गिर गईं। जाखणीखाल-अमोला मार्ग पर हुए हादसे में देहरादून से अपने गांव दाबड़ जा रहे महंत इंदिरेश अस्पताल के निदेशक गबर सिंह राणा और उनकी पत्नी की मौत हो गई, जबकि नैनबाग में दशहरा मेले से घटियाला गांव के सात लोगों कोे लेकर आ रहे वाहन के खाई में गिरने से दो युवकों की मौत हो गई।
ग्राम प्रधान राखी राणा, ग्रामीण संदीप राणा ने बताया कि सोमवार सुबह सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और वर्तमान में महंत इंदिरेश अस्पताल के निदेशक गबर सिंह राणा (76) और उनकी पत्नी उमा देवी (68) अपनी आल्टो कार से सुबह पांच बजे देहरादून से पैतृक गांव दाबड़ के लिए रवाना हुए। कार खुद गबर सिंह राणा चला रहे थे। सुबह करीब नौ बजे जाखणीखाल-अमोला मोटर मार्ग पर गांव से करीब एक किमी पहले उनकी कार खाई में जा गिरी। घटना का पता तब चला जब देहरादून से परिजनों ने गांव में उनके पहुंचने की जानकारी ली। गांव न पहुंचने की सूचना से परिजनों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने सड़क मार्ग और उसके आसपास के इलाके में उनकी ढूंढखोज की तो मैथाधार के पास गहरी खाई में एक दुर्घटनाग्रस्त कार मिली। कार के परखचे उड़े हुए थे। राजस्व उपनिरीक्षक पुष्कर सिंह, कानूनगो सुदामा सिंह ने घटना की जानकारी तहसीलदार लैंसडौन को दी। तहसीलदार सुभाष ध्यानी ने बताया कि कार में वृद्ध दंपति के अलावा कोई और नहीं था। परिजनों ने बताया कि गबर सिंह राणा मोतीचूर स्थित सत्य मित्रानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त होकर देहरादून में रह रहे थे और आजकल महंत इंदिरेश अस्पताल के निदेशक पद का कार्यभार देख रहे थे। वृद्ध दंपति की मौत की खबर लगते ही पूरे इलाके में शोक की लहर छा गई। ग्रामीण मुनीष रियाल का कहना है कि गबर सिंह राणा हमेशा अपने पैतृक गांव से जुड़े रहे। गांव के विकास के लिए चलाए गए हर आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी रही।
उधर, टिहरी के जौनपुर ब्लॉक में भटोली-मंदरसु मोटर मार्ग पर रविवार रात वाहन के खाई में गिरने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक घटियाला गांव के सात लोग लखवाड़ से दशहरा मेला देखने के बाद रविवार देर रात गांव लौट रहे थे। रात करीब दो बजे वे गांव के समीप पहुंच चुके थे। यूटिलिटी में सवार सात में से तीन लोग वाहन को साइड में खड़ा करते समय उतर गए। गांव के पास डिब्बा तोक में चालक गाड़ी को मोड़ रहा था तभी यूटिलिटी 200 मीटर खाई में गिर गई। वाहन से उतर चुके लोगों ने गांव वालों को दुर्घटना की सूचना दी। इस दुर्घटना में चालक कली लाल (28) पुत्र रतनलाल, अनु लाल (25) पुत्र फिंचर लाल की मौके पर ही मौत हो गई। प्रताप सिंह (53) पुत्र धूम सिंह, चंद्रपाल (35) पुत्र तिलक सिंह घायल हो गए। दुर्घटना की जानकारी रात दो बजे 108 को दी गई, लेकिन काफी देर बाद भी जब नैनबाग और थत्यूड़ क्षेत्र से 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची तो ग्रामीण घायलों को खुद ही निजी वाहन से कैंपटी ले गए। तब जाकर मसूरी से 108 पहुंची। मसूरी में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को दून अस्पताल रेफर कर दिया गया है। विधायक प्रीतम पंवार ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। थाना कैंपटी के एसआई हरकेश सिंह आर्य ने बताया मृतकों का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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इकलौता बेटा था कली लाल
नैनबाग (टिहरी)। वाहन चालक कली लाल अपने बुजुर्ग मा बाप मंत्री देवी और रतनलाल का इकलौता बेटा था। घर में पत्नी मंजू, बेटी प्रियांशु, बेटा अज्जू और शानू हैं। वहीं अनु लाल के परिवार में बुजुर्ग माता बिजमा देवी, पत्नी मंजू और छह माह की बेटी निहारिका हैं। दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में सवार राजपाल सिंह, देवेंद्र सिंह और कल्याण सिंह भाग्यशाली निकले। ये तीनों वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से से चंद मिनट पहले ही उतर गए थे।
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ग्राम प्रधान राखी राणा, ग्रामीण संदीप राणा ने बताया कि सोमवार सुबह सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और वर्तमान में महंत इंदिरेश अस्पताल के निदेशक गबर सिंह राणा (76) और उनकी पत्नी उमा देवी (68) अपनी आल्टो कार से सुबह पांच बजे देहरादून से पैतृक गांव दाबड़ के लिए रवाना हुए। कार खुद गबर सिंह राणा चला रहे थे। सुबह करीब नौ बजे जाखणीखाल-अमोला मोटर मार्ग पर गांव से करीब एक किमी पहले उनकी कार खाई में जा गिरी। घटना का पता तब चला जब देहरादून से परिजनों ने गांव में उनके पहुंचने की जानकारी ली। गांव न पहुंचने की सूचना से परिजनों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने सड़क मार्ग और उसके आसपास के इलाके में उनकी ढूंढखोज की तो मैथाधार के पास गहरी खाई में एक दुर्घटनाग्रस्त कार मिली। कार के परखचे उड़े हुए थे। राजस्व उपनिरीक्षक पुष्कर सिंह, कानूनगो सुदामा सिंह ने घटना की जानकारी तहसीलदार लैंसडौन को दी। तहसीलदार सुभाष ध्यानी ने बताया कि कार में वृद्ध दंपति के अलावा कोई और नहीं था। परिजनों ने बताया कि गबर सिंह राणा मोतीचूर स्थित सत्य मित्रानंद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त होकर देहरादून में रह रहे थे और आजकल महंत इंदिरेश अस्पताल के निदेशक पद का कार्यभार देख रहे थे। वृद्ध दंपति की मौत की खबर लगते ही पूरे इलाके में शोक की लहर छा गई। ग्रामीण मुनीष रियाल का कहना है कि गबर सिंह राणा हमेशा अपने पैतृक गांव से जुड़े रहे। गांव के विकास के लिए चलाए गए हर आंदोलन में उनकी सक्रिय भागीदारी रही।
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उधर, टिहरी के जौनपुर ब्लॉक में भटोली-मंदरसु मोटर मार्ग पर रविवार रात वाहन के खाई में गिरने से दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक घटियाला गांव के सात लोग लखवाड़ से दशहरा मेला देखने के बाद रविवार देर रात गांव लौट रहे थे। रात करीब दो बजे वे गांव के समीप पहुंच चुके थे। यूटिलिटी में सवार सात में से तीन लोग वाहन को साइड में खड़ा करते समय उतर गए। गांव के पास डिब्बा तोक में चालक गाड़ी को मोड़ रहा था तभी यूटिलिटी 200 मीटर खाई में गिर गई। वाहन से उतर चुके लोगों ने गांव वालों को दुर्घटना की सूचना दी। इस दुर्घटना में चालक कली लाल (28) पुत्र रतनलाल, अनु लाल (25) पुत्र फिंचर लाल की मौके पर ही मौत हो गई। प्रताप सिंह (53) पुत्र धूम सिंह, चंद्रपाल (35) पुत्र तिलक सिंह घायल हो गए। दुर्घटना की जानकारी रात दो बजे 108 को दी गई, लेकिन काफी देर बाद भी जब नैनबाग और थत्यूड़ क्षेत्र से 108 एंबुलेंस नहीं पहुंची तो ग्रामीण घायलों को खुद ही निजी वाहन से कैंपटी ले गए। तब जाकर मसूरी से 108 पहुंची। मसूरी में प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को दून अस्पताल रेफर कर दिया गया है। विधायक प्रीतम पंवार ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। थाना कैंपटी के एसआई हरकेश सिंह आर्य ने बताया मृतकों का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
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इकलौता बेटा था कली लाल
नैनबाग (टिहरी)। वाहन चालक कली लाल अपने बुजुर्ग मा बाप मंत्री देवी और रतनलाल का इकलौता बेटा था। घर में पत्नी मंजू, बेटी प्रियांशु, बेटा अज्जू और शानू हैं। वहीं अनु लाल के परिवार में बुजुर्ग माता बिजमा देवी, पत्नी मंजू और छह माह की बेटी निहारिका हैं। दोनों परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में सवार राजपाल सिंह, देवेंद्र सिंह और कल्याण सिंह भाग्यशाली निकले। ये तीनों वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने से से चंद मिनट पहले ही उतर गए थे।