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प्रदेश के विकास को पहाड़ों की शिक्षा प्रणाली पर देना होगा जोर: डा. धन सिंह
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:59 PM IST
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जयहरीखाल। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल में आयोजित छात्रसंघ समारोह में उच्च शिक्षा और सहकारिता मंत्री डा. धन सिंह रावत ने शौर्य दीवार का अनावरण किया। उन्होंने राज्य के विकास के लिए पहाड़ों की शिक्षा प्रणाली बेहतर बनाने पर जोर दिया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. धन सिंह रावत और जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए पहाड़ों की शिक्षा प्रणाली का बेहतर होना जरूरी है। शिक्षा की अच्छी गुणवत्ता के लिए हम सब को समर्पित होना होना। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में 180 दिनों की पढ़ाई के साथ ही सत्तर फीसदी उपस्थिति वाले छात्र-छात्राएं ही परीक्षा में बैठ पाएंगे। मेधावी छात्रों को विदेशों में शोध के लिए 50 लाख, एमबीबीएस और अन्य कोर्सों के लिए 20 लाख और प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत छात्र-छात्राओं का नि:शुल्क दो लाख का बीमा का कराया जाएगा। कहा कि महाविद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगेे। हर महाविद्यालय में पुस्तकें, फर्नीचर और पीजी के पद सृजन के साथ ही सभी जरूरतों को जल्द पूरा किया जाएगा। किसानों के लिए दीनदयाल किसान कल्याण योजना के तहत केवल दो फीसदी ब्याज पर एक लाख अनुदान दिया जाएगा।
विशिष्ट अतिथि यमकेश्वर की विधायक रितु खंडूडी ने महाविद्यालय के विकास के लिए विधायक निधि से खेल के मैदान और प्रयोगशाला उपकरणों के लिए पांच लाख रुपये की घोषणा की। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद गुसाईं और महासचिव ने मुख्य अतिथियों के समक्ष आठ सूत्री मांगें रखीं। महाविद्यालय की छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर महाविद्यालय में ड्रेस कोड लागू करने के विषय पर आयोजित नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा। समारोह में छह पूर्व सैनिकों कर्नल कुलदीप सिंह गुसाईं, कै. आनंद सिंह रावत, सूबेदार हरीश गौड़, हवलदार गंगा सिंह, हवलदार धर्मेंद्र सिंह नेगी को मुख्य अतिथि डा. धन सिंह रावत ने स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर लैंसडौन के विधायक दलीप महंत, प्राचार्य डा. कुमकुम रौतेला, छात्रसंघ प्रभारी डा. पंकज कुमार, डा. केसी दुदपुड़ी, डा. संजय कुमार, डा. कमल कुमार, डा. रामकृपाल, डा. दिवाकर बेबनी आदि मौजूद थे।
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समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि डा. धन सिंह रावत और जिलाध्यक्ष शैलेंद्र बिष्ट ने संयुक्त रूप से किया। उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए पहाड़ों की शिक्षा प्रणाली का बेहतर होना जरूरी है। शिक्षा की अच्छी गुणवत्ता के लिए हम सब को समर्पित होना होना। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में 180 दिनों की पढ़ाई के साथ ही सत्तर फीसदी उपस्थिति वाले छात्र-छात्राएं ही परीक्षा में बैठ पाएंगे। मेधावी छात्रों को विदेशों में शोध के लिए 50 लाख, एमबीबीएस और अन्य कोर्सों के लिए 20 लाख और प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत छात्र-छात्राओं का नि:शुल्क दो लाख का बीमा का कराया जाएगा। कहा कि महाविद्यालयों को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगेे। हर महाविद्यालय में पुस्तकें, फर्नीचर और पीजी के पद सृजन के साथ ही सभी जरूरतों को जल्द पूरा किया जाएगा। किसानों के लिए दीनदयाल किसान कल्याण योजना के तहत केवल दो फीसदी ब्याज पर एक लाख अनुदान दिया जाएगा।
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विशिष्ट अतिथि यमकेश्वर की विधायक रितु खंडूडी ने महाविद्यालय के विकास के लिए विधायक निधि से खेल के मैदान और प्रयोगशाला उपकरणों के लिए पांच लाख रुपये की घोषणा की। इस मौके पर छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद गुसाईं और महासचिव ने मुख्य अतिथियों के समक्ष आठ सूत्री मांगें रखीं। महाविद्यालय की छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी। इस मौके पर महाविद्यालय में ड्रेस कोड लागू करने के विषय पर आयोजित नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा। समारोह में छह पूर्व सैनिकों कर्नल कुलदीप सिंह गुसाईं, कै. आनंद सिंह रावत, सूबेदार हरीश गौड़, हवलदार गंगा सिंह, हवलदार धर्मेंद्र सिंह नेगी को मुख्य अतिथि डा. धन सिंह रावत ने स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। इस मौके पर लैंसडौन के विधायक दलीप महंत, प्राचार्य डा. कुमकुम रौतेला, छात्रसंघ प्रभारी डा. पंकज कुमार, डा. केसी दुदपुड़ी, डा. संजय कुमार, डा. कमल कुमार, डा. रामकृपाल, डा. दिवाकर बेबनी आदि मौजूद थे।
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