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राम जन्म की लीला ने किया दर्शकों को भाव विभोर
Updated Tue, 09 Oct 2018 10:48 PM IST
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कोटद्वार। श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में मालवीय उद्यान में चल रहे रामलीला मंचन के तीसरे दिन सोमवार रात को भगवान राम के जन्म की लीला का भव्य मंचन किया गया। इसे देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
तीसरे दिन की रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि वैश्य अग्रवाल सभा के अध्यक्ष शरद गुप्ता, विशिष्ट अतिथि सभा के सचिव राकेश मित्तल व नरेंद्र अग्रवाल ने किया। इस मौके पर मथुरा से रामानंद लीला मंडल के कलाकारों ने राम जन्म लीला का मंचन किया। लीला में बताया कि राक्षसों के अत्याचार से मानव के साथ ही देवता भी दुखी हैं। सभी देवगण राक्षसों के अत्याचारों से मुक्ति पाने के लिए भगवान विष्णु के पास जाकर प्रार्थना करने की सोचते हैं, लेकिन तभी आकाशवाणी होती है कि भगवान विष्णु स्वयं मनुष्य रूप में अयोध्या में जन्म लेंगे। पृथ्वी और देवलोक को राक्षसों के अत्याचार से मुक्ति दिलाएंगे। राम का जन्म होने से पूरी अयोध्या नगरी में हर्ष और उल्लास है। रामलीला के अंत में ऋषि विश्वमित्र राजा दशरथ के पास आते हैं और उनसे ऋषियों की तपस्या की रक्षा के लिए भगवान राम और लक्ष्मण को मांगते हैं और अपने साथ आश्रम ले जाते हैं। राजा दशरथ की भूमिका कमल चतुर्वेदी, कौशल्या की भूमिका राजकुमारी शर्मा, व्यास गद्दी पर गोपाल चतुर्वेदी शामिल रहे। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल, हरीश बहरानी, महामंत्री धर्मवीर गुसाईं, दिनेश वर्मा, अनिल बिट्ठल व विजय नौटियाल आदि मौजूद रहे।
-फोटो
श्रीराम के राज तिलक के साथ रामलीला संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के किशनपुर में रामलीला के अंतिम दिन श्री रामचंद्र के अयोध्या लौटने पर अयोध्यावासी झूम उठते हैं और उनका राजतिलक करते हैं। इस अवसर पर अयोध्या में जमकर आतिशबाजी के साथ ही मिठाइयां बांटीं गई।
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सोमवार को रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलदीप नेगी और अनिल सुयाल ने रिबन काटकर किया। रामलीला के अंतिम दिन भगवान राम के अयोध्या लौटने का भरत और अयोध्यावासी उत्सुकता से इंतजार करते हैं। राम के अयोध्या में कदम रखते ही भरत उनके चरणों में गिर पड़ते हैं। उनकी वापसी पर चारों तरफ उत्सव का माहौल होता है। 14 वर्ष बाद लौटने पर अयोध्यावासी उनका स्वागत करते हैं। भरत रामचंद्र जी का राजतिलक करते हैं। इस पर पूरे अयोध्या में आतिशबाजी के साथ ही मिठाइयां बांटी जाती हैं। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष गौरव कुकरेती, विकास कुकरेती, दिनेश चंद्र जोशी, सीताराम शाह, रोशन धूलिया, आशीष कुमार, रोहित बड़थ्वाल, सौरभ ध्यानी व मनोज कुमार मौजूद रहे।
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तीसरे दिन की रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि वैश्य अग्रवाल सभा के अध्यक्ष शरद गुप्ता, विशिष्ट अतिथि सभा के सचिव राकेश मित्तल व नरेंद्र अग्रवाल ने किया। इस मौके पर मथुरा से रामानंद लीला मंडल के कलाकारों ने राम जन्म लीला का मंचन किया। लीला में बताया कि राक्षसों के अत्याचार से मानव के साथ ही देवता भी दुखी हैं। सभी देवगण राक्षसों के अत्याचारों से मुक्ति पाने के लिए भगवान विष्णु के पास जाकर प्रार्थना करने की सोचते हैं, लेकिन तभी आकाशवाणी होती है कि भगवान विष्णु स्वयं मनुष्य रूप में अयोध्या में जन्म लेंगे। पृथ्वी और देवलोक को राक्षसों के अत्याचार से मुक्ति दिलाएंगे। राम का जन्म होने से पूरी अयोध्या नगरी में हर्ष और उल्लास है। रामलीला के अंत में ऋषि विश्वमित्र राजा दशरथ के पास आते हैं और उनसे ऋषियों की तपस्या की रक्षा के लिए भगवान राम और लक्ष्मण को मांगते हैं और अपने साथ आश्रम ले जाते हैं। राजा दशरथ की भूमिका कमल चतुर्वेदी, कौशल्या की भूमिका राजकुमारी शर्मा, व्यास गद्दी पर गोपाल चतुर्वेदी शामिल रहे। इस मौके पर रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल, हरीश बहरानी, महामंत्री धर्मवीर गुसाईं, दिनेश वर्मा, अनिल बिट्ठल व विजय नौटियाल आदि मौजूद रहे।
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श्रीराम के राज तिलक के साथ रामलीला संपन्न
अमर उजाला ब्यूरो
किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के किशनपुर में रामलीला के अंतिम दिन श्री रामचंद्र के अयोध्या लौटने पर अयोध्यावासी झूम उठते हैं और उनका राजतिलक करते हैं। इस अवसर पर अयोध्या में जमकर आतिशबाजी के साथ ही मिठाइयां बांटीं गई।
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सोमवार को रामलीला का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलदीप नेगी और अनिल सुयाल ने रिबन काटकर किया। रामलीला के अंतिम दिन भगवान राम के अयोध्या लौटने का भरत और अयोध्यावासी उत्सुकता से इंतजार करते हैं। राम के अयोध्या में कदम रखते ही भरत उनके चरणों में गिर पड़ते हैं। उनकी वापसी पर चारों तरफ उत्सव का माहौल होता है। 14 वर्ष बाद लौटने पर अयोध्यावासी उनका स्वागत करते हैं। भरत रामचंद्र जी का राजतिलक करते हैं। इस पर पूरे अयोध्या में आतिशबाजी के साथ ही मिठाइयां बांटी जाती हैं। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष गौरव कुकरेती, विकास कुकरेती, दिनेश चंद्र जोशी, सीताराम शाह, रोशन धूलिया, आशीष कुमार, रोहित बड़थ्वाल, सौरभ ध्यानी व मनोज कुमार मौजूद रहे।
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