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अमरनाथ यात्रा से सकुशल पहुंचा 52 यात्रियों का दल
Updated Tue, 11 Jul 2017 10:43 PM IST
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कोटद्वार। कांवड सेवा समिति के नेतृत्व में अमरनाथ यात्रा पर गया कोटद्वार का यात्री दल सकुशल वापस लौट गया है। सोमवार रात को 52 सदस्यों के यात्री दल का कोटद्वार पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने फूल मालाओं और ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। आतंकी हमले से डरे यात्रियों के परिजनों ने चैन की सांस ली।
यात्रा जत्थे का नेतृत्व कर रहे कांवड़ सेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मोंगिया, दिनेश बौंठियाल और सत्यप्रकाश वर्मा ने बताया कि 29 जून की रात को कोटद्वार से बाबा अमरनाथ के दर्शनों के लिए 52 यात्रियों का जत्था रवाना हुआ था। यात्री दल आनंदपुर साहिब, मां नैनादेवी, चिंतपूर्णी, मां ज्वालाजी, कांगड़ा देवी, चामुंडा देवी, बैजनाथ के दर्शन करते हुए दो जुुलाई को पहलगाम पहुंचा। चंदनबाड़ी बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा के बीच 32 किमी की पैदल यात्रा करने के बाद दल ने चार जुलाई को अमरनाथ की पवित्र गुफा में शिवलिंग के दर्शन किए और 16 किमी पैदल यात्रा करने के बाद बालटाल बेस कैंप पर पहुंचा। जम्मू भ्रमण के बाद यात्री अमृतसर स्वर्ण मंदिर, जलियांवाला बाग, बाघा बार्डर की परेड देखकर सोमवार रात 11 बजे सकुशल कोटद्वार पहुंच गए।
यात्रा जत्थे का नेतृत्व कर रहे कांवड़ सेवा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार मोंगिया, दिनेश बौंठियाल और सत्यप्रकाश वर्मा ने बताया कि 29 जून की रात को कोटद्वार से बाबा अमरनाथ के दर्शनों के लिए 52 यात्रियों का जत्था रवाना हुआ था। यात्री दल आनंदपुर साहिब, मां नैनादेवी, चिंतपूर्णी, मां ज्वालाजी, कांगड़ा देवी, चामुंडा देवी, बैजनाथ के दर्शन करते हुए दो जुुलाई को पहलगाम पहुंचा। चंदनबाड़ी बेस कैंप से कड़ी सुरक्षा के बीच 32 किमी की पैदल यात्रा करने के बाद दल ने चार जुलाई को अमरनाथ की पवित्र गुफा में शिवलिंग के दर्शन किए और 16 किमी पैदल यात्रा करने के बाद बालटाल बेस कैंप पर पहुंचा। जम्मू भ्रमण के बाद यात्री अमृतसर स्वर्ण मंदिर, जलियांवाला बाग, बाघा बार्डर की परेड देखकर सोमवार रात 11 बजे सकुशल कोटद्वार पहुंच गए।
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