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कोटद्वार की रिमझिम ने सीबीएसई 10वीं में किया आल इंडिया टॉप
Updated Tue, 29 May 2018 10:40 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड के कोटद्वार में यूपी बार्डर पर स्थित आरपी पब्लिक स्कूल बिजनौर की रिमझिम अग्रवाल सीबीएसई दसवीं के चार टॉपरों में शामिल हैं। रिमझिम कोटद्वार के गोविंदनगर की रहने वालीं हैं। उन्होंने 500 में से 499 अंक प्राप्त किए हैं। रिमझिम ने बताया कि वह आगे चलकर इंजीनियर बनना चाहतीं हैं।
गोविंदनगर की रिमझिम के पिता नीरज अग्रवाल एमबीए हैं और उनकी कोटद्वार में ज्वैलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार है और मां अनामिका अग्रवाल गृहिणी हैं। रिमझिम ने बताया कि उन्होंने किसी भी विषय में ट्यूशन नहीं लिया है, बल्कि घर पर ही स्वयं पढ़ाई की है। नतीजन उनके विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी और आईटी में 100-100 नंबर प्राप्त किए हैं। केवल गणित में 99 अंक हैं। वह बतातीं हैं कि सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत और लगन की जरूरत होती है। साथ ही मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने से पूरा ध्यान पढ़ाई पर ही केंद्रित रहता है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देतीं हैं। रिमझिम के बड़े भाई नमन अग्रवाल नोएडा में अमेठी यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रहे हैं। रिमझिम की सफलता पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कुंवर अजीत सिंह और शिक्षकगण गद्गद हैं। रिमझिम को पढ़ाई के अलावा गायन और बैडमिंटन खेलने का शौक है। रिमझिम बतातीं हैं कि वह स्कूल के अलावा हर दिन तीन घंटे पढ़ाई करतीं थीं।
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गोविंदनगर की रिमझिम के पिता नीरज अग्रवाल एमबीए हैं और उनकी कोटद्वार में ज्वैलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स का कारोबार है और मां अनामिका अग्रवाल गृहिणी हैं। रिमझिम ने बताया कि उन्होंने किसी भी विषय में ट्यूशन नहीं लिया है, बल्कि घर पर ही स्वयं पढ़ाई की है। नतीजन उनके विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी और आईटी में 100-100 नंबर प्राप्त किए हैं। केवल गणित में 99 अंक हैं। वह बतातीं हैं कि सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत और लगन की जरूरत होती है। साथ ही मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखने से पूरा ध्यान पढ़ाई पर ही केंद्रित रहता है। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को देतीं हैं। रिमझिम के बड़े भाई नमन अग्रवाल नोएडा में अमेठी यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रहे हैं। रिमझिम की सफलता पर विद्यालय के प्रधानाचार्य कुंवर अजीत सिंह और शिक्षकगण गद्गद हैं। रिमझिम को पढ़ाई के अलावा गायन और बैडमिंटन खेलने का शौक है। रिमझिम बतातीं हैं कि वह स्कूल के अलावा हर दिन तीन घंटे पढ़ाई करतीं थीं।
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