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सुविधाएं हैं नहीं, जर्जर भवन में शिक्षा ले रहे हैं 165 बच्चे
Updated Tue, 15 May 2018 10:40 PM IST
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दुगड्डा। शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते राजकीय इंटर कालेज द्वारीखाल में 165 बच्चे खतरे के बीच पढ़ाई को मजबूर हैं। विभागीय अनदेखी का आलम यह है कि विद्यालय में न तो बच्चों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही छात्राओं के लिए अलग से शौचालय की। ब्लाक के मुख्य विद्यालय के खस्ताहाल भवन की मरम्मत और अन्य सुविधाओं के प्रति विभागीय अधिकारी आंखें मूंदे हुए हैं।
जीआईसी द्वारीखाल का 13 फरवरी 1998 में उच्चीकरण किया गया था, लेकिन विभाग ने जर्जर भवन की सुध नहीं ली। वर्तमान में विद्यालय भवन जर्जर हाल में है। कक्षा-कक्षों में दरारें पड़ी हैं, छत और बीम दरकने के कगार पर है, कक्षों में प्रकाश की उचित व्यवस्था नहीं होने से छात्र अंधेरे में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर है। विद्यालय में शौचालय बदहाल पड़ा है, पानी की व्यवस्था नहीं होने से छात्र प्राकृतिक स्रोत से पानी ढो रहे हैं।
प्रभारी प्रधानाचार्य रमाकांत डबराल ने बताया कि स्कूल की वर्तमान स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। स्रोत सूखने से जनवरी से बरसात होने तक पानी की आपूर्ति ठप रहती है, मध्याह्न भोजन के लिये भी दूरदराज क्षेत्र से पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है।
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जीआईसी द्वारीखाल का 13 फरवरी 1998 में उच्चीकरण किया गया था, लेकिन विभाग ने जर्जर भवन की सुध नहीं ली। वर्तमान में विद्यालय भवन जर्जर हाल में है। कक्षा-कक्षों में दरारें पड़ी हैं, छत और बीम दरकने के कगार पर है, कक्षों में प्रकाश की उचित व्यवस्था नहीं होने से छात्र अंधेरे में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर है। विद्यालय में शौचालय बदहाल पड़ा है, पानी की व्यवस्था नहीं होने से छात्र प्राकृतिक स्रोत से पानी ढो रहे हैं।
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प्रभारी प्रधानाचार्य रमाकांत डबराल ने बताया कि स्कूल की वर्तमान स्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। स्रोत सूखने से जनवरी से बरसात होने तक पानी की आपूर्ति ठप रहती है, मध्याह्न भोजन के लिये भी दूरदराज क्षेत्र से पानी की व्यवस्था करनी पड़ती है।
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