{"_id":"5af71e104f1c1be5408b4c2c","slug":"111526144528-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं के जागरूक रहने से रुकेंगे महिला अपराध: सरोजनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिलाओं के जागरूक रहने से रुकेंगे महिला अपराध: सरोजनी
Updated Sat, 12 May 2018 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। उत्तराखंड महिला आयोग की ओर से कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी।
भाबर क्षेत्र के मोटाढांक स्थित बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित दो दिवसीय कानून जागरूकता शिविर का महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा ने शुुभारंभ किया। उन्होंने वर्तमान में महिलाओं पर बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताई। कहा कि समाज में फैल रही विकृतियों के चलते बेटियों और महिलाओं पर आए दिन अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं। महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिलाओं को जागरूक होने की आवश्यकता है। कहा कि अपराधों से बचने के लिए महिलाओं का स्वावलंबी और बेटियों को शिक्षित करना बहुत जरूरी है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य गिरिराज सिंह रावत ने कन्या भ्रूण हत्या को समाज के लिए कलंक बताते हुए, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर जोर दिया। कहा कि आज महिलाएं किसी से कमतर नहीं हैं। वे देश की नामी संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर देश के विकास में योगदान दे रही हैं। इस अवसर पर महिला आयोग की सचिव रामेंद्री मंद्रवाल ने छात्राओं और क्षेत्र की महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी। महिला सब इंस्पेक्टर नीरजा यादव ने महिलाओं के उत्पीड़न से बचने के सुझाव दिए।
शिविर में जिला कार्यक्रम अधिकारी सरोज कुमार त्रिपाठी, विद्यालय की उपप्रधानाचार्य सरोजनी देवी, बीईओ सुषमा दास, डा. अजय नेगी, बाल विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार व तहसीलदार सीएस रावत आदि ने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
-फोटो
विज्ञापन
भाबर क्षेत्र के मोटाढांक स्थित बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित दो दिवसीय कानून जागरूकता शिविर का महिला आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा ने शुुभारंभ किया। उन्होंने वर्तमान में महिलाओं पर बढ़ रहे अपराधों पर चिंता जताई। कहा कि समाज में फैल रही विकृतियों के चलते बेटियों और महिलाओं पर आए दिन अत्याचार के मामले सामने आ रहे हैं। महिला अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए महिलाओं को जागरूक होने की आवश्यकता है। कहा कि अपराधों से बचने के लिए महिलाओं का स्वावलंबी और बेटियों को शिक्षित करना बहुत जरूरी है।
विद्यालय के प्रधानाचार्य गिरिराज सिंह रावत ने कन्या भ्रूण हत्या को समाज के लिए कलंक बताते हुए, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पर जोर दिया। कहा कि आज महिलाएं किसी से कमतर नहीं हैं। वे देश की नामी संस्थाओं में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर देश के विकास में योगदान दे रही हैं। इस अवसर पर महिला आयोग की सचिव रामेंद्री मंद्रवाल ने छात्राओं और क्षेत्र की महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी दी। महिला सब इंस्पेक्टर नीरजा यादव ने महिलाओं के उत्पीड़न से बचने के सुझाव दिए।
विज्ञापन
शिविर में जिला कार्यक्रम अधिकारी सरोज कुमार त्रिपाठी, विद्यालय की उपप्रधानाचार्य सरोजनी देवी, बीईओ सुषमा दास, डा. अजय नेगी, बाल विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार व तहसीलदार सीएस रावत आदि ने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
-फोटो