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मुआवजे के लिए आठ साल से लोनिवि के चक्कर काट रहे दाबड़ के ग्रामीण
Updated Tue, 26 Sep 2017 10:39 PM IST
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कोटद्वार/द्वारीखाल। द्वारीखाल विकास खंड के बिचला ढांगू क्षेत्र में आठ साल पहले काटी गई छह किमी अमोला-दाबड़ मोटर मार्ग का भूमि कटान का मुआवजा ग्रामीणों को नहीं मिल सका है। प्रभावित काश्तकार लैंसडौन लोनिवि खंड और पीएमजीएसवाई सिंचाई खंड कोटद्वार के चक्कर काट रहे हैं। दोनों खंड भूमि मुआवजे के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
दाबड़ की ग्राम प्रधान राखी राणा का कहना है कि दाबड़ गांव के प्रभावित ग्रामीण सड़क कटिंग के आठ साल बाद भी मुआवजे के लिए विभागों के चक्कर काट रहे हैं। वर्ष 2002 में बिचला ढांगू के अमोला गांव से दाबड़ तक 6 किमी रोड की वित्तीय स्वीकृति मिली थी। लोनिवि लैंसडौन ने सड़क कटवाई थी। छह किमी रोड काटने के बाद लोनिवि लैंसडौन की ओर से ग्रामीणों को मुआवजा नही बांटा गया। प्रधान ने बताया कि कई बार यह मामला बीडीसी बैठक में उठाया गया, लेकिन हर बार आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। वर्ष 2010 में शासन की ओर से यह सड़क पीएमजीएसवाई को सौंप दी गई। जनप्रतिनिधियों ने जब मुआवजे के भुगतान के लिए लैंसडौन डिविजन को पत्र लिखा तो उन्होंने यह सड़क पीएमजीएसवाई के सुपुर्द होने की बात करते हुए उनके अधिकारियों से पत्र व्यवहार करने को कहा। ग्रामीणों ने जब पीएमजीएसवाई कोटद्वार के अधिशासी अभियंता से संपर्क साधा तो उन्होंने इसे मूल रूप से लोनिवि लैंसडौन का मामला बताया। कहा कि सड़क के पार्ट वन का कार्य लैंसडौन खंड ने किया है, इसलिए मुआवजा प्रक्रिया भी संबंधित खंड की ओर से की जाएगी। प्रधान ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए लोनिवि लैंसडौन अब जमीन का मुआवजा बांटने के लिए नये सिरे से भूमि की नापजोख कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कर रहा है।
ग्राम दाबड़ में ग्रामीणों को मुआवजा बांटने के लिए भूमि की नापजोख का कार्य नए सिरे से कर इसकी रिपोर्ट बनाकर प्रमुख अभियंता को भेजी जाएगी। वहां से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों को मुआवजा बांटा जाएगा।-केपी सिंह सहायक अभियंता लोनिवि लैंसडौन
दाबड़ की ग्राम प्रधान राखी राणा का कहना है कि दाबड़ गांव के प्रभावित ग्रामीण सड़क कटिंग के आठ साल बाद भी मुआवजे के लिए विभागों के चक्कर काट रहे हैं। वर्ष 2002 में बिचला ढांगू के अमोला गांव से दाबड़ तक 6 किमी रोड की वित्तीय स्वीकृति मिली थी। लोनिवि लैंसडौन ने सड़क कटवाई थी। छह किमी रोड काटने के बाद लोनिवि लैंसडौन की ओर से ग्रामीणों को मुआवजा नही बांटा गया। प्रधान ने बताया कि कई बार यह मामला बीडीसी बैठक में उठाया गया, लेकिन हर बार आश्वासनों के अलावा कुछ नहीं मिला। वर्ष 2010 में शासन की ओर से यह सड़क पीएमजीएसवाई को सौंप दी गई। जनप्रतिनिधियों ने जब मुआवजे के भुगतान के लिए लैंसडौन डिविजन को पत्र लिखा तो उन्होंने यह सड़क पीएमजीएसवाई के सुपुर्द होने की बात करते हुए उनके अधिकारियों से पत्र व्यवहार करने को कहा। ग्रामीणों ने जब पीएमजीएसवाई कोटद्वार के अधिशासी अभियंता से संपर्क साधा तो उन्होंने इसे मूल रूप से लोनिवि लैंसडौन का मामला बताया। कहा कि सड़क के पार्ट वन का कार्य लैंसडौन खंड ने किया है, इसलिए मुआवजा प्रक्रिया भी संबंधित खंड की ओर से की जाएगी। प्रधान ने बताया कि ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए लोनिवि लैंसडौन अब जमीन का मुआवजा बांटने के लिए नये सिरे से भूमि की नापजोख कर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजने की बात कर रहा है।
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ग्राम दाबड़ में ग्रामीणों को मुआवजा बांटने के लिए भूमि की नापजोख का कार्य नए सिरे से कर इसकी रिपोर्ट बनाकर प्रमुख अभियंता को भेजी जाएगी। वहां से वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद ग्रामीणों को मुआवजा बांटा जाएगा।-केपी सिंह सहायक अभियंता लोनिवि लैंसडौन
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