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भगवान का स्मरण ही कल्याण का एक मात्र साधन: स्वामी यतिंद्रानंद
Updated Sat, 01 Dec 2018 10:11 PM IST
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कोटद्वार। श्री सिद्धबली बाबा महोत्सव के दूसरे दिन समारोह में पहुंचे श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतिंद्रानंद महाराज ने गढ़वाली भजन संध्या का शुुुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि सिद्धबाबा मंदिर सिद्धों की धरती पर बना है। सिद्धबली की महिमा प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में फैली है। हनुमान संकट मोचन होते हैं और वह सच्ची श्रद्धा से उनकी शरण में आने वाले भक्त के सभी संकट हरते हैं।
स्वामी यतिंद्रानंद महाराज ने कहा कि पूरी दुनिया श्रीराम के बिना नहीं चलती, लेकिन खुद भगवान राम हनुमान के बिना नहीं चलते। कलयुग में भगवान का स्मरण ही उद्धार और कल्याण का एक मात्र साधन है।
इस अवसर पर मंदिर के महंत दिलीप रावत, मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंजबिहारी देवरानी, महोत्सव के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, रविंद्र जजेड़ी, शिव प्रसाद अग्रवाल, ओम प्रकाश तिवारी, रविंद्र नेेगी, संजय बंसल, आरसीएस रावत, विपिन कैंथोला व राजदीप माहेश्वरी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद रावत ने किया।
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इससे पूर्व सुबह पांच बजे ज्योतिषाचार्य देवीप्रसाद भट्ट के सानिध्य में वेदपाठियों के मंत्रोच्चार के बीच पिंडी महाभिषेक और एकादश कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य यजमान मेला संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेेगी, कोटद्वार मेयर हेमलता नेेगी के साथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुति डाली।
-फोटो
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स्वामी यतिंद्रानंद महाराज ने कहा कि पूरी दुनिया श्रीराम के बिना नहीं चलती, लेकिन खुद भगवान राम हनुमान के बिना नहीं चलते। कलयुग में भगवान का स्मरण ही उद्धार और कल्याण का एक मात्र साधन है।
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इस अवसर पर मंदिर के महंत दिलीप रावत, मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंजबिहारी देवरानी, महोत्सव के अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, रविंद्र जजेड़ी, शिव प्रसाद अग्रवाल, ओम प्रकाश तिवारी, रविंद्र नेेगी, संजय बंसल, आरसीएस रावत, विपिन कैंथोला व राजदीप माहेश्वरी आदि मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद रावत ने किया।
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इससे पूर्व सुबह पांच बजे ज्योतिषाचार्य देवीप्रसाद भट्ट के सानिध्य में वेदपाठियों के मंत्रोच्चार के बीच पिंडी महाभिषेक और एकादश कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य यजमान मेला संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल, पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेेगी, कोटद्वार मेयर हेमलता नेेगी के साथ मंदिर समिति के पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने हवन कुंड में आहुति डाली।
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