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राम-भरत का मिलाप देख दर्शक हुए भावुक
Updated Sun, 30 Sep 2018 10:45 PM IST
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किशनपुर। भाबर के किशनपुर में देवभूमि युवा श्रम एवं निर्माण स्वायत सहकारिता रजि. की ओर से रामलीला मंचन के पांचवें दिन राम वनवास और भरत-राम मिलाप का मंचन किया गया।
शनिवार को रामलीला मंचन के पांचवें दिन का शुुुुभारंभ जितेंद्र डोबरियाल और वीके सिन्हा ने किया। मंचन के प्रारंभ में राम-सीता और लक्ष्मण के साथ वनवास जाते हैं। उस समय भरत और शत्रुघ्न ननिहाल में होते हैं। लौटने पर उन्हें सारी बात का पता चलता है वे कुबड़ी मंथरा को दंड देते हुए मां कैकेई का तिरस्कार करते हैं। वनवास गए प्रभु राम से मिलने भरत नगरवासियों के संग चित्रकूट जाते हैं। भरत के संग नगरवासियों को आते देख भैया लखन भड़क जाते हैं। भरत राम के पास आते ही उनके चरण को पकड़कर रोने लगते हैं और राम को वापस अयोध्या लाने की प्रयास करते हैं। राम ने उन्हें पिता के वचन और कुल की मर्यादा का हवाला देकर समझाते हैं। भरत-राम संवाद को सुन लोग भाव विभोर हो जाते हैं। इस पर भरत ने संकल्प लेते हैं कि वो गद्दी पर नहीं बैठेंगे और राम की खड़ाऊ गद्दी पर रखकर अयोध्या का राज्य संभालेंगे। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष गौरव कुकरेती, रोशन धूलिया, आशीष केष्टवाल, महेश कुमार, मोहित केष्टवाल, राजू केष्टवाल, नवीन थपलियाल, मुकेश कुमार, सौरभ ध्यानी मौजूद रहे।
शनिवार को रामलीला मंचन के पांचवें दिन का शुुुुभारंभ जितेंद्र डोबरियाल और वीके सिन्हा ने किया। मंचन के प्रारंभ में राम-सीता और लक्ष्मण के साथ वनवास जाते हैं। उस समय भरत और शत्रुघ्न ननिहाल में होते हैं। लौटने पर उन्हें सारी बात का पता चलता है वे कुबड़ी मंथरा को दंड देते हुए मां कैकेई का तिरस्कार करते हैं। वनवास गए प्रभु राम से मिलने भरत नगरवासियों के संग चित्रकूट जाते हैं। भरत के संग नगरवासियों को आते देख भैया लखन भड़क जाते हैं। भरत राम के पास आते ही उनके चरण को पकड़कर रोने लगते हैं और राम को वापस अयोध्या लाने की प्रयास करते हैं। राम ने उन्हें पिता के वचन और कुल की मर्यादा का हवाला देकर समझाते हैं। भरत-राम संवाद को सुन लोग भाव विभोर हो जाते हैं। इस पर भरत ने संकल्प लेते हैं कि वो गद्दी पर नहीं बैठेंगे और राम की खड़ाऊ गद्दी पर रखकर अयोध्या का राज्य संभालेंगे। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष गौरव कुकरेती, रोशन धूलिया, आशीष केष्टवाल, महेश कुमार, मोहित केष्टवाल, राजू केष्टवाल, नवीन थपलियाल, मुकेश कुमार, सौरभ ध्यानी मौजूद रहे।
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