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सावन में जन्मे को नाम मिला शंभू , गंगा मौसी ने संभाली जिम्मेदारी
Updated Sun, 05 Aug 2018 10:32 PM IST
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कालागढ़/कोटद्वार। कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ स्थित हाथीशाला मेें कर्नाटक से लाए गए हाथियों की देखभाल और प्रशिक्षण का कार्य के दौरान बृहस्पतिवार को कंचंबा नाम की हथिनी के जन्मे एक नर शिशु हाथी का नामकरण कर दिया गया है। सावन के महीने में जन्म लेने के कारण शिशु हाथी का नाम शंभू रख दिया गा है। शंभू की जिम्मेदारी हाथीशाला में रह रही गंगा हथिनी ने संभाल ली है। गंगा शंभू को सुबह पांच बजे से ही हाथीशाला में घुमा रही है।
कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि कंचंबा ने नर शिशु को सावन के महीने में जन्म दिया गया है, इसलिए उसके शिशु का नाम शंभू रखा गया है। शंभू ने दूध भी पीना शुरू कर दिया है और वह चलने लगा है। हाथीशाला में रह रही साथ की एक हथिनी गंगा ने आज से शंभू की जिम्मेदारी संभाल ली है। वह कंचंबा से छोटी है, इसलिए उसे शंभू की मौसी कहा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार की सुबह से गंगा शंभू को साथ लेकर हाथीशाला के परिसर में भ्रमण कर रही है। हाथीशाला में शंभू और अन्य हाथियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश वर्जित करते हुए गेट पर कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं।
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कालागढ़ के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके तिवारी ने बताया कि कंचंबा ने नर शिशु को सावन के महीने में जन्म दिया गया है, इसलिए उसके शिशु का नाम शंभू रखा गया है। शंभू ने दूध भी पीना शुरू कर दिया है और वह चलने लगा है। हाथीशाला में रह रही साथ की एक हथिनी गंगा ने आज से शंभू की जिम्मेदारी संभाल ली है। वह कंचंबा से छोटी है, इसलिए उसे शंभू की मौसी कहा जा रहा है।
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उन्होंने बताया कि शुक्रवार की सुबह से गंगा शंभू को साथ लेकर हाथीशाला के परिसर में भ्रमण कर रही है। हाथीशाला में शंभू और अन्य हाथियों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश वर्जित करते हुए गेट पर कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं।
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