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सतीचौड़ गांव में हाथी का उत्पात, ग्रामीणों में दहशत
Updated Thu, 17 May 2018 10:44 PM IST
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कोटद्वार। भाबर के सत्तीचौड़ गांव में शाम ढलते ही हाथियों का उत्पात शुरू हो जा रहा है। तीन दिन में हाथियों ने गांव में साग-सब्जी और पशुओं के लिए उगाया गया चारा रौंद दिया है। लगातार तीन दिन से हाथियों का झुंड आ धमकने से गांव में लोगों की नींद हराम हो गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के उत्पात से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
कोटद्वार भाबर के 73 गांव तीन ओर से जंगलों से घिरे हुए हैं। उत्तर पूर्व की दिशा में जहां उत्तराखंड के लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार, लालढांग और कोटड़ी रेंज के जंगल पड़ते हैं, वहीं दक्षिण पश्चिम दिशा में यूपी के आरक्षित वन क्षेत्र पड़ते हैं। तीन ओर से जंगलों से घिरे भाबर के गांवों में आए दिन वन्यजीव आबादी और खेतों में उत्पात मचाते हैं। लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार और लालढांग रेंज के जंगलों से सटे चिलरखाल, सिगड्डी से लेकर उदयरामपुर, मवाकोट, सत्तीचौड़ से सनेह तक के गांव सर्वाधिक वन्यजीव प्रभावित हैं। सत्तीचौड़ निवासी चंद्रशेखर दुतपड़ी का कहना है कि उनके गांव के पास कोटद्वार रेंज की ग्वालगढ़ वन चौकी है, इस चौकी से मात्र 50 मीटर की दूरी पर सत्तीचौड़ गांव में तीन दिन से हाथियों की दहशत है। ग्रामीण रमेश चंद्र, दिनेश चंद्र, गुलाब सिंह और प्रताप सिंह का कहना है कि हाथियों ने काश्तकारों की साग-सब्जी, पशुओं का चारा रौंद दिया है। पूरी रात हाथियों के झुंड घरों के आसपास घूमते रहते हैं। लोगों का बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने वन विभाग से हाथियों के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
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कोटद्वार भाबर के 73 गांव तीन ओर से जंगलों से घिरे हुए हैं। उत्तर पूर्व की दिशा में जहां उत्तराखंड के लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार, लालढांग और कोटड़ी रेंज के जंगल पड़ते हैं, वहीं दक्षिण पश्चिम दिशा में यूपी के आरक्षित वन क्षेत्र पड़ते हैं। तीन ओर से जंगलों से घिरे भाबर के गांवों में आए दिन वन्यजीव आबादी और खेतों में उत्पात मचाते हैं। लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार और लालढांग रेंज के जंगलों से सटे चिलरखाल, सिगड्डी से लेकर उदयरामपुर, मवाकोट, सत्तीचौड़ से सनेह तक के गांव सर्वाधिक वन्यजीव प्रभावित हैं। सत्तीचौड़ निवासी चंद्रशेखर दुतपड़ी का कहना है कि उनके गांव के पास कोटद्वार रेंज की ग्वालगढ़ वन चौकी है, इस चौकी से मात्र 50 मीटर की दूरी पर सत्तीचौड़ गांव में तीन दिन से हाथियों की दहशत है। ग्रामीण रमेश चंद्र, दिनेश चंद्र, गुलाब सिंह और प्रताप सिंह का कहना है कि हाथियों ने काश्तकारों की साग-सब्जी, पशुओं का चारा रौंद दिया है। पूरी रात हाथियों के झुंड घरों के आसपास घूमते रहते हैं। लोगों का बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं है। उन्होंने वन विभाग से हाथियों के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगाई है।
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