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केदारनाथः और ज्यादा मुश्किल होगी अगली यात्रा
संदीप थपलियाल/ अमर उजाला, केदारनाथ
Updated Wed, 06 Nov 2013 01:36 PM IST
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इस वर्ष की केदारनाथ यात्रा का समापन हो गया। लेकिन इस वर्ष यात्रा काल में ही होने वाले कई काम अधूरे छूट गए। आपदा के कारण तबाह हो चुकी केदारपुरी में अगले यात्राकाल में व्यवस्था बनाना शासन-प्रशासन के लिए चुनौती होगा।
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मंदिर क्षेत्र अब भी टापू के समान
16/17 जून के जलप्रलय के बाद से मंदाकिनी नदी सीधा बहने के बजाय मंदिर के लगभग 100 मीटर पीछे से घूमकर सरस्वती नदी के साथ बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर पानी मंदिर के निकट आ रहा है। नदी का प्रवाह मोड़ने के लिए साढ़े चार माह में कुछ नहीं हो पाया। मंदिर क्षेत्र अब भी टापू के समान है।
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एएसआई (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) की ओर से मंदिर की दीवारों का ट्रीटमेंट और पत्थर हटाकर देवदार की लकड़ियों का फर्श डाला जाना था, वह भी नहीं हो पाया। एएसआई ने मंदिर समिति से कपाट बंद होने के बाद भी काम करने का वक्त मांगा था। लेकिन मांग पूरी नहीं हो पाई। अब अगले यात्राकाल में कपाट खुलने पर यह काम हो पाएगा।
ईपीआईएल की ओर से धाम में मलबे की सफाई के लिए एमआई-26 से पोकलैंड मशीन पहुंचाई जानी थी, लेकिन नहीं पहुंच पाई। भारी मशीनों को हेलीपैड से केदारनाथ मंदिर के निकट तक जाने के लिए मंदाकिनी-सरस्वती नदी पर वैली ब्रिज लोनिवि ने बना तो दिया, लेकिन अब इसको खोलने की तैयारी हो रही है।
धाम में थे 330 लोग
केदारनाथ कपाट बंद होने के मौके पर धाम में 32 तीर्थयात्री, 68 स्थानीय, 32 पुलिस फोर्स और 115 लोग विभिन्न विभागों के थे। कपाट बंद होने पर कई कर्मचारी लौट गए।
विदेशी मेहमान भी बने साक्षी
कपाट बंद होने के साक्षी विदेश से आए चार पर्यटक भी बने। स्विजरलैंड के लिनयस बेरेन, मिलानी, ऑस्ट्रेलिया के निकोलस और ब्रिटेन के वेकेजोन सोमवार को केदारनाथ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पुलिस के जवानों के साथ वॉलीबाल भी खेला।
केदारनाथ तक बने सड़क
दिल्ली के दिनेश पांडे हर साल कपाट खुलने व बंद होने और सावन में केदारनाथ आते हैं। वहीं बंगलूरू से अखिल भारत वीर सेवा महासभा के मुख्य सचिव बीएस बागेश प्रसाद, चंद्रशेखर, टी रमेश भी बाबा के दर्शनों को पहुंचे। उनका कहना था कि केदारनाथ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व की आस्था का केंद्र है। धाम तक सड़क का निर्माण होना चाहिए।
पुलिस टीम रहेगी केदारनाथ में
केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के बाद मंदिर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में रहेगा। धाम में 15 पुलिस कर्मी मौजूद हैं। वहीं मंदिर समिति के सुरक्षा गार्ड भी समय-समय पर गौरीकुंड से केदारनाथ तक रेकी करेंगे। एसपी बरिंदर जीत सिंह ने बताया कि फिलहाल पुलिस टीम केदारनाथ में रहेगी। यदि भारी बर्फबारी होती है, तो टीम नीचे आ जाएगी।
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