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मात्र 15 मिनट में ऐसे तबाह हुआ केदारनाथ
हल्द्वानी/ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jun 2013 02:13 AM IST
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केदारनाथ मंदिर के पुरोहित दिनेश बगवाड़ी उन लोगों में से हैं जिन्हें आप खुशकिस्मत भी कह सकते हैं, बदकिस्मत भी। बगवाड़ी ने शिव की नगरी में मौत का तांडव अपनी आंखों से देखा।
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उनके परिवार के पांच लोगों का अभी तक पता नहीं है। उनका 17 साल का बेटा भी लापता है। उनका दर्द और आंखों देखी बीबीसी द्वारा लिए गए इंटरव्यू के रूप में फेसबुक पर टैग है।
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उन्होंने बताया कि रविवार रात बहुत बारिश के बाद सोमवार सुबह से ही बाढ़ का खतरा मंडरा रहा था। सोमवार सुबह छह बजे लोग बारिश से हुए नुकसान का जायजा ले रहे थे। आठ बजे के करीब वे मंदिर के अहाते में साफ-सफाई करवा रहे थे और बाहर से आए तीर्थ यात्रियों को भी हौसला बंधा रहे थे।
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कुछ ही समय हुआ था कि 8 बजकर 10 मिनट पर एक धमाके की आवाज हुई। केदारनाथ से करीब तीन किमी ऊपर स्थित गांधी सरोवर फट गया और मलबा बहकर केदारनाथ की तरफ आने लगा। सवा आठ बजे प्रलय आया, मलबे और पानी का परवाह इतना तेज हो गया कि 8.30 बजे तक पूरा केदारनाथ तबाह हो गया।