{"_id":"5711d03a4f1c1bb92e4a6acd","slug":"increases-the-risk-of-chicken-pox-in-kunja-grant","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" चिकन पॉक्स से तीन बच्चों की हालत गंभीर, 12 में पाए गए लक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिकन पॉक्स से तीन बच्चों की हालत गंभीर, 12 में पाए गए लक्षण
ब्यूरो/अमर उजाला, विकासनगर
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:10 AM IST
सार
- चिकन पॉक्स के कारण अब तक एक 12 वर्षीय बच्चे की हो चुकी भी मौत
- कुंजाग्रांट गांव में चिकनपॉक्स का खतरा बढ़ता जा रहा
- दाने उगते ही दवा खिलाने से बहुत तेजी से ठीक होती है बीमारी
- संक्रमित बच्चे को अन्य बच्चों से दूर रखें, टीका लगाना भी फायदेमंद
विज्ञापन
शिविर के दौरान चिकनपॉक्स के लक्षण दिखाते डॉक्टर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विकासनगर के कुंजाग्रांट गांव में चिकनपॉक्स से तीन बच्चों की हालत गंभीर है। इसके साथ ही 12 अन्य में चिकनपॉक्स के लक्षण नजर आए है। शुक्रवार को गांव में पहुंची डॉक्टरों ने टीम ने लोगों की जांच की। जिसमें 18 से कम उम्र के 12 बच्चे ऐसे मिले जिनमें चिकन पॉक्स के लक्षण पाए गए और तीन की हालत गंभीर मिली।
विज्ञापन
शुक्रवार को श्री महंत इंदिरेश अस्पताल देहरादून के डॉक्टरों की टीम कुंजाग्रांट पहुंची। अस्पताल की ओर से यहां आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टरों ने रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श दिए।
विज्ञापन
इस दौरान 648 रोगियों ने शिविर का लाभ उठाया। यहां फैले चिकन पॉक्स के कारण अब तक एक 12 वर्षीय बच्चे की भी मौत हो चुकी है। अपर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. वीके बिहारी ने बताया कि 12 रोगियों में चिकन पॉक्स के लक्षण मिले। जिनमें अधिकांश 18 साल से कम के हैं।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने दी अस्पताल में भर्ती होने की सलाह
इनमें से तीन रोगियों गंभीर रूप से चिकन पॉक्स से ग्रसित पाए गए। मरीजों को बुखार होने के साथ ही आंखों और कान का संक्रमण भी मिला। इन मरीजों को डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी।
इशिता पाल (14) निवासी हरीपुर, सेलाकुई को श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर उनका निशुल्क इलाज चल रहा है। शुक्रवार सुबह श्री महंत इंदिरेश अस्पताल के डॉक्टरों का दल चिकन पॉक्स से ग्रसित कुंजाग्रांट पहुंचा।
शिविर में कुंजाग्रांट, शाहपुर, धर्मावाला, हरर्बटपुर, प्रतीतपुर, ढालीपुर आदि गांवों से लोग पहुंचे। श्री महंत इंद्रेश अस्पताल के सामुदायिक मेडिसिन विभाग से डॉ. अमित, मेडिसिन विभाग से डॉ. योगेश ढांड और शिशु रोग विभाग से डॉ. मोहसिन ने रोगियों को परामर्श दिया। इस दौरान अस्पताल की ओर से रोगियों को निशुल्क दवा भी दी गई।
चिकनपॉक्स की शुरूआत में दवा ज्यादा प्रभावी
कुंजाग्रांट में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे लोग
- फोटो : amar ujala
विकासनगर के कुंजाग्रांट गांव में बड़ी संख्या में बच्चों के चिकन पॉक्स से ग्रसित होने के बाद इसको लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि चिकित्सकों के अनुसार कुछ सावधानियां बरतकर इस बीमारी से बचा जा सकता है।
प्रभावित लोगों को भी दवा से काफी आराम मिलता है। शुरूआत में ही दवा लेने का असर जल्दी होता है और मरीज को ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
मरीजों के मन में कई तरह के भ्रम
चिकन पॉक्स को लेकर मरीजों के मन में कई तरह के भ्रम हैं। बाजार में चिकन पॉक्स का टीका भी उपलब्ध है। इसको लगाने से चिकन पॉक्स होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
हालांकि उसके बावजूद संक्रमित व्यक्ति के बहुत अधिक संपर्क में रहना ठीक नहीं है। वहीं कुछ सावधानियां बरतकर बीमारी को जल्दी काबू किया जा सकता है। इस दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखा जाना विशेष रूप से जरूरी है।
जिन्हें कभी नहीं हुआ चिकन पॉक्स वह लगाए टीका
दून अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. डीएस रावत ने बताया कि जिन बच्चों को चिकन पॉक्स कभी ना हुआ हो, उसका टीका लगाना फायदेमंद रहता है। जिन्हें पहले हो चुका है, उन्हें अन्य बच्चों से अलग रखें।
प्रभावित बच्चे को अलग रखें। दाने होते ही तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। पहले दिन ही दवा दें तो कंट्रोल हो सकता है। जिन लोगों को टीका नहीं लगा या जिन्हें पहले नहीं हुआ, संक्रमित बच्चों के प्रभाव में आते ही उन्हें भी हो जाएगा।
प्रभावित लोगों को भी दवा से काफी आराम मिलता है। शुरूआत में ही दवा लेने का असर जल्दी होता है और मरीज को ज्यादा परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।
मरीजों के मन में कई तरह के भ्रम
चिकन पॉक्स को लेकर मरीजों के मन में कई तरह के भ्रम हैं। बाजार में चिकन पॉक्स का टीका भी उपलब्ध है। इसको लगाने से चिकन पॉक्स होने का खतरा काफी कम हो जाता है।
हालांकि उसके बावजूद संक्रमित व्यक्ति के बहुत अधिक संपर्क में रहना ठीक नहीं है। वहीं कुछ सावधानियां बरतकर बीमारी को जल्दी काबू किया जा सकता है। इस दौरान साफ-सफाई का ध्यान रखा जाना विशेष रूप से जरूरी है।
जिन्हें कभी नहीं हुआ चिकन पॉक्स वह लगाए टीका
दून अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. डीएस रावत ने बताया कि जिन बच्चों को चिकन पॉक्स कभी ना हुआ हो, उसका टीका लगाना फायदेमंद रहता है। जिन्हें पहले हो चुका है, उन्हें अन्य बच्चों से अलग रखें।
प्रभावित बच्चे को अलग रखें। दाने होते ही तुरंत चिकित्सक को दिखाएं। पहले दिन ही दवा दें तो कंट्रोल हो सकता है। जिन लोगों को टीका नहीं लगा या जिन्हें पहले नहीं हुआ, संक्रमित बच्चों के प्रभाव में आते ही उन्हें भी हो जाएगा।