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विदेशी साधकों ने लगाई योग गंगा में डुबकी
hridwar uttrakhanda india
Updated Fri, 11 Mar 2016 12:17 AM IST
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महाकुंभ में भजनों पर झूमे विदेशी
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। उत्तराखंड पर्यटन विभाग और परमार्थ निकेतन ऋषिकेश की ओर से आयोजित योग महाकुंभ में 85 देशों के 1200 से ज्यादा योग साधक हरकी पैड़ी के समीप पंतद्वीप में जुटे। परमार्थ निकेतन परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और जमैका मूल के धर्मगुरु स्वामी मूजी महाराज की उपस्थिति में हुई आध्यात्मिक सत्संग की कक्षा में जीवन का दर्शन झलका। पंतद्वीप स्थित सभागार का दृश्य गुुुुरुवार को देखने लायक था।
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मंच पर मूजी महाराज, स्वामी चिदानंद महाराज एवं अमेरिका मूल की साध्वी भगवती सरस्वती विराजमान थी। पंडाल में बैठे अध्यात्म के जिज्ञाशुओं ने प्रश्नोत्तर में ज्यादा समय बिताया। जिसमें योग साधकों ने वैयक्तिक, पारिवारिक, सामाजिक एवं वैश्विक विषयों के सवाल धर्मगुरुओं से पूछे। श्री मूजी महाराज ने एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रेम की अग्नि विश्व कल्याणकारी है। इसे यदि दिशा दे दी जाए तो वह बड़े काम कर सकती है।
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यह अग्नि अंदर के विकारों को जलाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि आंतरिक विकारों को आध्यात्मिक चाकू से ही काटा जा सकता है। उन्होंने स्थूल शरीर को ही जीवन समझने और चेतना के महत्व को नकारने को मानव जीवन का सबसे बड़ा दुर्भाग्य बताया। श्री मूजी ने कहा कि चेतना का जागरण ही वास्तव में आत्म जागरण है। चेतना जागरण व्यक्तित्व को कई गुना बढ़ा देता है, जीवन को ऊंचा उठा देता है, जिसे देखकर सभी को गर्व होता है और स्वयं को भी।
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विदेशी गीतों से सराबोर हुआ पंडाल
सत्संग की कक्षा में विदेशियों के भावना केवल जैसे शीर्षकों वाले गीतों ने गंगातट पर वातावरण को उदात्त भावनाओं से सराबोर कर दिया। वहीं जय सीताराम, जय हनुमान, राम-राम-राम’ जैसे भजनों को विदेशियों से सुनकर उपस्थित दर्शक व श्रोता भावविभोर हो गए।
कई बार बही अश्रुधारा
आज जहां साधकों ने योग गंगा में स्नान किया। वहीं श्रद्धा के भाव में अश्रु भी बहे और ठहाके भी लगे। जिससे केवल बाहर से ही नही बल्कि भीतर तक को स्नान भी कराया। ईरान, इजरायल और अमेरिका के जाने-माने संगीतकारों ने संगीत कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संगीत कार्यक्रम ने दुनिया में शांति, एकता एवं समरसता को स्थापित करने का संदेश दिया।
कार्ययोजना प्रस्तुत की
स्वच्छता क्रांति कार्यक्रम के तहत गंगा किनारे शौचालयों एवं गंगा किनारे चेंज रूम की कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस अवसर पर श्री मूजी जी महाराज ने एक चेंज रूम का लोकार्पण भी किया। उन्होंने गंगा एक्शन परिवार-परमार्थ निकेतन और ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस की ओर से चलाई जा रही लोक हितकारी गतिविधियों के बारे में बताया। इस मौके पर मथुरा से आए स्वामी परमाद्वैति जी महाराज द्वारा तैयार किए गए गंगा, यमुना, गाय एवं पेड़ों पर आधारित कार्यक्रम भी मथुरा-वृन्दावन की रंग-बिरंगे वस्त्रों व फूल-पत्तियों से सुसज्जित महिलाओं ने प्रस्तुत किए।
दिल को छुआ
आस्ट्रिया निवासी और 30 वर्षों से भारत में आर्गेनिक इंडिया के माध्यम से जैविक खेती को ऊंचाईयों पर पहुंचाने वाले संस्था की संस्थापक भारत मित्र की प्रस्तुति ओम भालोम सलाम आमीन ओम गीत ने सुनकर सभी गदगद हो गए।
ये रहे उपस्थित
कुंभ मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन, अपर मेलाधिकारी डा. मेहरबान सिंह बिष्ट, एसएसपी कुंभ जगतराम जोशी, मुख्यमंत्री के ओएसडी पुरुषोत्तम शर्मा, उप पर्यटन निदेशक विवेक चैहान, एसपी ट्रैफिक श्वेता चौबे, एसपी मणि प्रसाद मिश्र सहित परमार्थ निकेतन के राम महेश मिश्र, गंगा महासभा के अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, अध्यात्म चेतना संघ के अध्यक्ष आचार्य करुणेश मिश्र, जगदीश पाहवा आदि उपस्थित रहे।