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कामकाज पर कार्य बहिष्कार भारी
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Fri, 09 Dec 2016 10:10 PM IST
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Tehsil ministerial staff association boycott because of the work done on behalf of the vacant office of the clerk copy writer and revenue.
- फोटो : amarujala
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कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीरियल कर्मचारी संघ सहित कर्मचारी संगठनों के कार्य बहिष्कार से सरकारी कार्यालयों में शुक्रवार को कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा। वेतन विसंगति को लेकर कर्मचारी शुक्रवार को तीसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहे। ऐसे में जिलाधिकारी, एडीएम, एसडीएम, मुख्य विकास अधिकारी समेत कई कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। हालांकि संविदा और उपनल आदि व्यवस्थागत कर्मचारी काम करते रहे। नियमित कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से ढेर सारे काम प्रभावित रहे। कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया।
धरनासभा में संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार और मंत्री विमल प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार बार- बार आश्वासन देने के बाद भी कर्मचारियों की मांग की अनदेखी कर रही है। जल्द ही मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। इस अवसर पर दीपक कुमार, जय कुमार त्यागी, सौराज सैनी, वीरेंद्र दत्त शर्मा, धीरज शर्मा, मनोज श्रीवास्तव, शिव शंकर मिश्रा, जितेंद्र प्रसाद, अंशुल चौहान, रमेश जोशी, संजय त्रिपाठी, आशा रानी, संगीता, जितेंद्र राजपूत, संजय नारायण खाती, बृजेश शर्मा, प्रदीप शर्मा, नवीन मोहन आदि मौजूद रहे। कार्य बहिष्कार के चलते हरिद्वार रुड़की, भगवानपुर तहसीलों समेत छह ब्लॉक मुख्यालय पर कामकाज प्रभावित रहा।
पेजयल कर्मियों ने भी नहीं किया काम
विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड पेजयल निगम कर्मचारी महासंघ के आह्मन पर निगम के कर्मचारी शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार पर रहे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार उनकी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। बृहस्पतिवार की देर रात एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला था। इस दौरान वार्ता सकारात्मक हुई लेकिन अभी कार्य बहिष्कार वापस लेने का निर्णय नहीं लिया गया। धरनास्थल पर हुई सभा की अध्यक्षता कर रहे मुकंदी लाल सेमवाल ने कहा कि सभी कर्मचारी अपनी मंागों को लेकर एकजुट है। इस दौरान जिलाध्यक्ष अशोक सैनी, गिरिश चंद्र मैठाणी, जगदीश प्रसाद, मेला, सुरेश, सुरेंद्र सिंह, अनिकेत शर्मा, पोपीन कुमार, विजय कुमार, तेलूराम, रमेश चंद्र,कुमार गौरव, शलभ मित्तल, मदन सिंह, अंचित पाराशर, मजाहिर आदि मौजूद रहे।
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कर्मियों का धरना-प्रदर्शन दसवें दिन भी जारी
नगर निगम के दैनिक वेतन भोगी, संविदा कर्मचारियों का नियमित करने की मांग को लेकर धरना- प्रदर्शन शुक्रवार को दसवें दिन भी जारी रहा।
कर्मचारियों ने ऐलान किया कि राज्य कैबिनेट की बैठक होने तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। यदि पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार शासन ने उनके नियमितीकरण का प्रस्ताव कैबिनेट से पास नहीं कराया जो आंदोलित कर्मचारी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। धरना-प्रदर्शन के दसवें दिन हुई सभा में कर्मचारी नेताओं मनोज कुमार, ईश्वर चंद, उमेश कुमार, इम्तियाज व विवेक शर्मा ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। भूषण शर्मा व प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करेें और 15-20 साल से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने का शासनादेश बिना देरी के जारी करे। दसवें दिन धरने पर जसवंत सिंह बिष्ट, अंशुल, कृपाल सिंह, मनोज कुमार, सतेंद्र सिंह, सुभाष, अभय, विपिन, संजय सेठी, प्रवीण कुमार, ईश्वर, सत्यपाल, विनय शर्मा, शीशपाल, राजेश गुप्ता, शिवनाथ, उमेश व हरीश आदि बैठे।
कर्मी हड़ताल पर, कामकाज ठप
रजिस्ट्रेशन का अधिकार वाहन बेचने वाले डीलरों को देने के विरोध में परिवहन विभाग के कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी है। जिससे एआरटीओ दफ्तर में लगातार कामकाज ठप है। इस बीच सीटू से जुड़े श्रमिक नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर परिवहन कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन किया।
प्रदेश सरकार वाहन खरीदने पर औपचारिकताएं पूरी करने का अधिकार डीलरों को देने जा रही है। मिनिस्ट्रीयल परिवहन कर्मचारी संघ इसका विरोध कर रहा है। ऐसे में रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में रोजाना रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस जैसे काम के लिए पहुंचने वाले लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। अध्यक्ष मुनेश चंद नौडिय़ाल और संगठन मंत्री रेशम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। वहीं श्रमिक संगठन सीटू के जिलाध्यक्ष पीडी बलोनी, महामंत्री एम जखमोला और आरसी धीमान ने धरने पर पहुंचकर परिवहनकर्मियों की मांगों को समर्थन दिया। श्रमिक नेताओं ने कहा कि निजीकरण कर्मचारी हित में नहीं है। धरने पर सुरेंन्द्र सिंह नेगी, राजेंद्र बोहरा, सुमनलता नैथानी, नीतीश मैठाणी, संतोष, संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।
धरनासभा में संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार और मंत्री विमल प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार बार- बार आश्वासन देने के बाद भी कर्मचारियों की मांग की अनदेखी कर रही है। जल्द ही मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। इस अवसर पर दीपक कुमार, जय कुमार त्यागी, सौराज सैनी, वीरेंद्र दत्त शर्मा, धीरज शर्मा, मनोज श्रीवास्तव, शिव शंकर मिश्रा, जितेंद्र प्रसाद, अंशुल चौहान, रमेश जोशी, संजय त्रिपाठी, आशा रानी, संगीता, जितेंद्र राजपूत, संजय नारायण खाती, बृजेश शर्मा, प्रदीप शर्मा, नवीन मोहन आदि मौजूद रहे। कार्य बहिष्कार के चलते हरिद्वार रुड़की, भगवानपुर तहसीलों समेत छह ब्लॉक मुख्यालय पर कामकाज प्रभावित रहा।
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पेजयल कर्मियों ने भी नहीं किया काम
विभिन्न मांगों को लेकर उत्तराखंड पेजयल निगम कर्मचारी महासंघ के आह्मन पर निगम के कर्मचारी शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार पर रहे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि सरकार उनकी मांगों के प्रति गंभीर नहीं है। बृहस्पतिवार की देर रात एक प्रतिनिधिमंडल सीएम से मिला था। इस दौरान वार्ता सकारात्मक हुई लेकिन अभी कार्य बहिष्कार वापस लेने का निर्णय नहीं लिया गया। धरनास्थल पर हुई सभा की अध्यक्षता कर रहे मुकंदी लाल सेमवाल ने कहा कि सभी कर्मचारी अपनी मंागों को लेकर एकजुट है। इस दौरान जिलाध्यक्ष अशोक सैनी, गिरिश चंद्र मैठाणी, जगदीश प्रसाद, मेला, सुरेश, सुरेंद्र सिंह, अनिकेत शर्मा, पोपीन कुमार, विजय कुमार, तेलूराम, रमेश चंद्र,कुमार गौरव, शलभ मित्तल, मदन सिंह, अंचित पाराशर, मजाहिर आदि मौजूद रहे।
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कर्मियों का धरना-प्रदर्शन दसवें दिन भी जारी
नगर निगम के दैनिक वेतन भोगी, संविदा कर्मचारियों का नियमित करने की मांग को लेकर धरना- प्रदर्शन शुक्रवार को दसवें दिन भी जारी रहा।
कर्मचारियों ने ऐलान किया कि राज्य कैबिनेट की बैठक होने तक शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। यदि पूर्व में दिए गए आश्वासन के अनुसार शासन ने उनके नियमितीकरण का प्रस्ताव कैबिनेट से पास नहीं कराया जो आंदोलित कर्मचारी हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। धरना-प्रदर्शन के दसवें दिन हुई सभा में कर्मचारी नेताओं मनोज कुमार, ईश्वर चंद, उमेश कुमार, इम्तियाज व विवेक शर्मा ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। भूषण शर्मा व प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा लेना बंद करेें और 15-20 साल से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने का शासनादेश बिना देरी के जारी करे। दसवें दिन धरने पर जसवंत सिंह बिष्ट, अंशुल, कृपाल सिंह, मनोज कुमार, सतेंद्र सिंह, सुभाष, अभय, विपिन, संजय सेठी, प्रवीण कुमार, ईश्वर, सत्यपाल, विनय शर्मा, शीशपाल, राजेश गुप्ता, शिवनाथ, उमेश व हरीश आदि बैठे।
कर्मी हड़ताल पर, कामकाज ठप
रजिस्ट्रेशन का अधिकार वाहन बेचने वाले डीलरों को देने के विरोध में परिवहन विभाग के कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी है। जिससे एआरटीओ दफ्तर में लगातार कामकाज ठप है। इस बीच सीटू से जुड़े श्रमिक नेताओं ने धरना स्थल पर पहुंचकर परिवहन कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन किया।
प्रदेश सरकार वाहन खरीदने पर औपचारिकताएं पूरी करने का अधिकार डीलरों को देने जा रही है। मिनिस्ट्रीयल परिवहन कर्मचारी संघ इसका विरोध कर रहा है। ऐसे में रोशनाबाद स्थित एआरटीओ कार्यालय में रोजाना रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस जैसे काम के लिए पहुंचने वाले लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। अध्यक्ष मुनेश चंद नौडिय़ाल और संगठन मंत्री रेशम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। वहीं श्रमिक संगठन सीटू के जिलाध्यक्ष पीडी बलोनी, महामंत्री एम जखमोला और आरसी धीमान ने धरने पर पहुंचकर परिवहनकर्मियों की मांगों को समर्थन दिया। श्रमिक नेताओं ने कहा कि निजीकरण कर्मचारी हित में नहीं है। धरने पर सुरेंन्द्र सिंह नेगी, राजेंद्र बोहरा, सुमनलता नैथानी, नीतीश मैठाणी, संतोष, संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।