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ट्रेजरी में महिला कर्मचारी से अभद्रता
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 01 Sep 2016 11:08 PM IST
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अशासकीय शिक्षकों के वेतन बिल लेकर ट्रेजरी पहुंची शिक्षा विभाग की एक महिला कर्मचारी के साथ कोषागार के लिपिक ने अभद्रता कर दी। बिल फेंकने पर हंगामा खड़ा हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने विभाग और ट्रेजरी के अधिकारियों से वार्ता कर कड़ी आपत्ति जताई। वहीं महिला कर्मचारी भी लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गई। सीडीओ ने हस्तक्षेप कर बमुश्किल मामला शांत कराया।
शिक्षकों को हर महीने वेतन देने के लिए शिक्षा विभाग से वेतन बिल कोषागार भेजे जाते हैं। जिसके बाद वेतन शिक्षकों के खातों में जारी किया जाता है। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लेखा विभाग से एक महिला कर्मचारी बृहस्पतिवार की दोपहर अशासकीय शिक्षकों के वेतन बिल लेकर कोषागार पहुंची थी। आरोप है कि कोषागार में तैनात एक लिपिक ने महिला कर्मचारी के हाथ से बिल लेकर फेंक दिया और उसके साथ अभद्रता भी की। महिला ने वापस लौटकर लेखा विभाग के पटल प्रभारी बृजमोहन भगत को पूरी जानकारी दी।
इसकी भनक उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ को लगने पर जिलाध्यक्ष डा. अनिल शर्मा ने तत्काल मुख्य कोषागार अधिकारी से फोन पर बातचीत कर कड़ी आपत्ति जताई। जिला मंत्री राजेश सैनी ने भी मामले की जानकारी लेकर अधिकारियों से वार्ता की। वहीं महिला कर्मचारी भी लिपिक पर एफआईआर कराने की मांग पर अड़ गई। मामला ज्यादा बढ़ता देख शिक्षा विभाग और कोषागार अधिकारियों ने आपस मेें वार्ता की। सीडीओ ने भी मामले में हस्तक्षेप कर लिपिक को हिदायत दी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने बिल दोबारा ट्रेजरी में भिजवाए गए।
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शिक्षकों को हर महीने वेतन देने के लिए शिक्षा विभाग से वेतन बिल कोषागार भेजे जाते हैं। जिसके बाद वेतन शिक्षकों के खातों में जारी किया जाता है। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लेखा विभाग से एक महिला कर्मचारी बृहस्पतिवार की दोपहर अशासकीय शिक्षकों के वेतन बिल लेकर कोषागार पहुंची थी। आरोप है कि कोषागार में तैनात एक लिपिक ने महिला कर्मचारी के हाथ से बिल लेकर फेंक दिया और उसके साथ अभद्रता भी की। महिला ने वापस लौटकर लेखा विभाग के पटल प्रभारी बृजमोहन भगत को पूरी जानकारी दी।
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इसकी भनक उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ को लगने पर जिलाध्यक्ष डा. अनिल शर्मा ने तत्काल मुख्य कोषागार अधिकारी से फोन पर बातचीत कर कड़ी आपत्ति जताई। जिला मंत्री राजेश सैनी ने भी मामले की जानकारी लेकर अधिकारियों से वार्ता की। वहीं महिला कर्मचारी भी लिपिक पर एफआईआर कराने की मांग पर अड़ गई। मामला ज्यादा बढ़ता देख शिक्षा विभाग और कोषागार अधिकारियों ने आपस मेें वार्ता की। सीडीओ ने भी मामले में हस्तक्षेप कर लिपिक को हिदायत दी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने बिल दोबारा ट्रेजरी में भिजवाए गए।
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