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अब पड़ेगी कड़ाके की ठंड
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:53 PM IST
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हरिद्वार। भगवान सूर्य नारायण बुधवार से वृश्चिक राशि त्यागकर धनु राशि में प्रविष्ट हो गए हैं। सूर्य के धनु में आने से सूर्य का ताप कई गुणा घट जाता है। उसके बाद कड़ाके की ठंड शुरू हो जाती है। एक माह बाद सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करेंगे तो सूर्य का ताप तिल-तिल बढ़ने लगेगा।
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बुधवार दोपहर 2.42 बजे सूर्य का संक्रमण धनु राशि में हुआ। धनु का पुण्य काल यद्यपि रात 8.18 बजे से प्रारंभ हो गया था। ज्योतिषतंत्र के अनुसार धनु राशि में आते ही सूर्य रथ के सातों घोड़े विश्राम पर जाते हैं। ऐसा होने पर सूर्य जीर्ण होते चले जाते हैं और उनकी चमक भी खोती चली जाती है। ज्योतिषाचार्य पंडित संजीव शास्त्री के अनुसार वर्ष में ऐसा केवल एक महीने होता है। सूर्य की शक्तियां घटने पर चंद्रतत्व हावी हो जाता है। इसके कारण प्रतिदिन शीत बढ़ती चली जाती है। उल्लेखनीय है कि 12 दिसंबर को चंद्रदर्शन हो गया था। मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष में चंद्रोदय के साथ शीत काल आता है। सूर्य का ताप घटने और चंद्रमा की शीतलता बढ़ने पर अब एक माह तक कड़ाके की ठंड परेशान करेंगी।
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40 दिनों का चिल्ला भारतीय चिंतन में ठंड का प्रतीक माना गया है। यह चिल्ला इस माह के अंत में शुरू होगा और फरवरी के प्रथम सप्ताह में समाप्त होगा। लोकधारणाओं के अनुसार चिल्ले में हार्ड कंपा देने वाली ठंड पड़ती है। धनु राशि के आखिरी 15 दिन और मकर राशि के शुरूआती 25 दिन मिलाकर 40 दिन का चिल्ला बनता है।
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