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खेलना और मिलना जुलना कर दिया था बंद
hridwar uttrakhanda india
Updated Thu, 26 May 2016 12:50 AM IST
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हरिद्वार का होनहार
- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार। मायापुर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज के इंटर के छात्र तुषार गर्ग ने 89.2 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश की मेरिट में 24वां स्थान प्राप्त किया। तुषार गर्ग का कहना है कि परीक्षा के दौरान खेलकूद और दोस्तों से मिलना बंद कर पढ़ाई पर ध्यान दिया। जिससे उसने यह सफलता प्राप्त की। तुषार इंजीनियर बनना चाहते हैं।
मोती बाजार निवासी तुषार गर्ग के पिता आशुतोष गर्ग दुकान चलाते हैं और माता कामिनी सिलाई कर घर चलाने में सहयोग करती हैं। तुषार का बड़ा भाई शांतनु गर्ग बीटेक कर रहा है। तुषार का कहना है कि उसने कक्षा नौ से पढ़ाई पर ध्यान दिया। हाईस्कूल में उसके 82 प्रतिशत अंक आए, लेकिन कक्षा ग्यारह में साइंस वर्ग में प्रवेश लेने के बाद उसने मेहनत करनी शुरू कर दी। इसी का परिणाम रहा कि तुषार गर्ग ने जेईई मेंस में 239 अंक प्राप्त किए और एडवांस में शामिल हुए। उसे विश्वास है कि वह एडवांस में भी सफल होकर आईआईटी में प्रवेश लेगा। तुषार ने बताया कि उसने फेसबुक पर खाता बनाया, लेकिन कम प्रयोग करता है और व्हाट्सएप्प का तो बिलकुल भी प्रयोग नहीं किया। उसने यह इंटर में यह सफलता स्कूल समय के बाद प्रतिदिन 4 घंटे और परीक्षा समय में अवकाश में भी दिनरात पढ़ाई कर प्राप्त की। हालांकि उसने कई विषयों में ट्यूशन भी ली। तुषार के पिता किराये के घर में रहकर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे है।
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मोती बाजार निवासी तुषार गर्ग के पिता आशुतोष गर्ग दुकान चलाते हैं और माता कामिनी सिलाई कर घर चलाने में सहयोग करती हैं। तुषार का बड़ा भाई शांतनु गर्ग बीटेक कर रहा है। तुषार का कहना है कि उसने कक्षा नौ से पढ़ाई पर ध्यान दिया। हाईस्कूल में उसके 82 प्रतिशत अंक आए, लेकिन कक्षा ग्यारह में साइंस वर्ग में प्रवेश लेने के बाद उसने मेहनत करनी शुरू कर दी। इसी का परिणाम रहा कि तुषार गर्ग ने जेईई मेंस में 239 अंक प्राप्त किए और एडवांस में शामिल हुए। उसे विश्वास है कि वह एडवांस में भी सफल होकर आईआईटी में प्रवेश लेगा। तुषार ने बताया कि उसने फेसबुक पर खाता बनाया, लेकिन कम प्रयोग करता है और व्हाट्सएप्प का तो बिलकुल भी प्रयोग नहीं किया। उसने यह इंटर में यह सफलता स्कूल समय के बाद प्रतिदिन 4 घंटे और परीक्षा समय में अवकाश में भी दिनरात पढ़ाई कर प्राप्त की। हालांकि उसने कई विषयों में ट्यूशन भी ली। तुषार के पिता किराये के घर में रहकर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे है।
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