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‘व्हाट्सअप से हटकर प्रकृति के संरक्षण का संकल्प लेना होगा’
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भारत विकास परिषद शाखा पंचपुरी की ओर से ‘पर्यावरण विघटन जिम्मेदार कौन है’ विषय पर वेबिनार संगोष्ठी आयोजित की। वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए व्हाट्सएप से हटकर प्रकृति की ओर लौटने और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लेना होगा।
पर्यावरणविद एवं पक्षी वैज्ञानिक गुरुकुल कांगड़ी विवि के पूर्व कुलसचिव प्रो. दिनेश भट्ट ने कहा कि पर्यावरण विघटन के लिए मानव जाति ही जिम्मेदार है। औद्योगिकीकरण, शहरीकरण, एग्रीकल्चर, बांध निर्माण, सड़क निर्माण इत्यादि के लिए अत्यधिक वनों का कटाव हुआ है। फार्मा कम्पनियों द्वारा हिमालय की जड़ी-बूटियों और औषधीय पादपों का अत्यधिक दोहन हो रहा है। कई औषधीय पौधे विलुप्त होने के कगार पर हैं।
योग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोॅ सुरेंद्र कुमार त्यागी ने कहा कि प्रकृति ने मानव को सभी वस्तुएं ऐसी प्रदान की हैं जिनसे वह किसी न किसी रूप में लाभांवित होता रहा है। शाखा अध्यक्ष डॉ. ऊधम सिंह ने कहा कि प्रगतिशील होने और तेजी से विकास करने की होड़ में हमने अपनी सुख, सुविधा और आनंद के लिए,नए नए संसाधन जुटाने के लिए पेड़ पौधों, जंगलों का विनाश किया है। परिषद के प्रांतीय सचिव जेके मोंगा, सचिव हेमंत सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार, रश्मि मोंगा, रेखा नेगी, एसआर गुप्ता, डॉ गजेंद्र सिंह राणा, संजीव लांबा, राधिका नागरथ, रितु सहदेव, शोभा सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
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पर्यावरणविद एवं पक्षी वैज्ञानिक गुरुकुल कांगड़ी विवि के पूर्व कुलसचिव प्रो. दिनेश भट्ट ने कहा कि पर्यावरण विघटन के लिए मानव जाति ही जिम्मेदार है। औद्योगिकीकरण, शहरीकरण, एग्रीकल्चर, बांध निर्माण, सड़क निर्माण इत्यादि के लिए अत्यधिक वनों का कटाव हुआ है। फार्मा कम्पनियों द्वारा हिमालय की जड़ी-बूटियों और औषधीय पादपों का अत्यधिक दोहन हो रहा है। कई औषधीय पौधे विलुप्त होने के कगार पर हैं।
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योग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोॅ सुरेंद्र कुमार त्यागी ने कहा कि प्रकृति ने मानव को सभी वस्तुएं ऐसी प्रदान की हैं जिनसे वह किसी न किसी रूप में लाभांवित होता रहा है। शाखा अध्यक्ष डॉ. ऊधम सिंह ने कहा कि प्रगतिशील होने और तेजी से विकास करने की होड़ में हमने अपनी सुख, सुविधा और आनंद के लिए,नए नए संसाधन जुटाने के लिए पेड़ पौधों, जंगलों का विनाश किया है। परिषद के प्रांतीय सचिव जेके मोंगा, सचिव हेमंत सिंह, कोषाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार, रश्मि मोंगा, रेखा नेगी, एसआर गुप्ता, डॉ गजेंद्र सिंह राणा, संजीव लांबा, राधिका नागरथ, रितु सहदेव, शोभा सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
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