पहाड़ोें में हुई तेज बारिश के बाद रतमऊ नदी उफान पर आ गई। नदी में पानी बढ़ने पर किसानों की सब्जी के फसल बह गई।
मालूम हो कि सर्दी और गर्मी के मौसम में क्षेत्र के किसान बरसाती नदियों में सब्जी की खेती करते हैं। तेलीवाला के समीप आसपास के किसानों ने लौकी, खीरा, तुरई, टमाटर की फसल बोई थी। इस साल सब्जी की अच्छी फसल हुई थी। बुधवार को पहाड़ों में तेज बारिश के बाद नदी में पानी बढ़ गया और फसल बह गई। जहां फसल बही नहीं मिट्टी वाले पानी से खराब हो गई। आसपास के किसान कुछ देर के लिए नदी की दूसरी तरफ फंसे रहे। पानी कम होने पर ही किसान घर लौटे। किसान पंकज, विजयपाल, रघुवीर, पवन सिंह, परवीन, सतपाल आदि कहना है कि अचानक हुई बारिश से बहुत नुकसान हुआ है। इन लोगों का कहना है कि यदि उन्हें पानी बढ़ने का आभास होता तो पहले सब्जियों को तोड़ लेते। किसान मुल्की चंद ने बताया पांच बीघा में लौकी, तुरई व कद्दू की फसल बोई थी। इस बार मौसम के साथ देने की वजह से फसल भी काफी अच्छी हुई थी, लेकिन रतमऊ नदी मे आये पानी से सब बर्बाद हो गया। कोटामुरादनगर निवासी किसान इसम सिंह ने बताया कि तीन बीघा में नदी के किनारे सब्जी बोई थी। किसानों ने मुआवजा देने की मांग की है।