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निजी स्कूलों को चेतावनी, कॉन्वेंट बेलगाम
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Fri, 31 Mar 2017 10:57 PM IST
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परीक्षाओं के बाद अब अगली कक्षाओं में दाखिलों का दौर शुरू होते ही स्कूलों की मनमानी की भी नए सिरे से शुरूआत हो गई है। उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेने वाले निजी स्कूलों को तो शिक्षा विभाग ने चेतावनी जारी कर दी है कि प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें लगाने पर मान्यता रद्द कर दी जाएगी, लेकिन सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध कॉन्वेंट स्कूल हर साल की तरह बेलगाम हैं। कई स्कूलों ने किताबों की मनमानी कीमतें वसूलने के लिए बाकायदा काउंटर खोल लिए हैं। जहां अभिभावकों से जमकर लूट खसोट की जा रही है।
किसी भी बोर्ड से मान्यता लेने वाले स्कूलों को उसके नियम शर्तों का पालन करना होता है। उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेने वाले निजी स्कूलों को भी यह हिदायत दी जाती है कि स्कूल के पाठ्यक्रम से लेकर अध्यापन तक में विद्यालयी शिक्षा परिषद की गाइड लाइन माननी होगी। इसके बावजूद कई निजी स्कूल परिषद के नियमों को ताक पर रखकर किताबों, ड्रेस व अन्य सामान में कमीशन का खेल खेलते हैं। आगामी सत्र के लिए भी कुछ स्कूल इसी तैयारी में थे। इसकी भनक लगने पर विभाग ने शासन को पूरे मामले से अवगत कराया। जिस पर शासन ने ऐसे स्कूलों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से मुद्रित कराई गई किताबें ही स्कूलों में लगाई जाएं। निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने पर मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
खुद प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। वहीं दूसरी तरफ कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी बराबर जारी है। स्कूलों की ओर से जारी किया गया पाठ्यक्रम सिर्फ चुनिंदा काउंटरों पर मिल रहा है। जिसकी एवज में भारी कीमतें वसूली जा रही हैं। सीबीएसई से जुड़े स्कूलों पर विभाग या प्रशासन का कोई नियंत्रण नजर नहीं आता। जिस कारण अभिभावक लुटने के लिए मजबूर हैं।
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पैसे लेकर स्लिप जारी कर रहे स्कूल
शहर में बुक काउंटर कई कॉन्वेंट स्कूलों ने खोल लिए हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जो अभिभावकों से भुगतान भी खुद ले रहे हैं। पैसे लेकर अभिभावकों को स्लिप जारी की जाती है। यह स्लिप लेकर अभिभावक काउंटर पर जाते हैं, तब जाकर किताबें दी जाती हैं। सूत्र बताते हैं कि स्कूलों ने खुद निजी प्रकाशकों से किताबें छपवाई हैं। एडमिशन के अलावा तरह-तरह की फीस तो अभिभावकों से वसूली ही जा रही है, इनके अलावा ड्रेस व किताबों की खरीद फरोख्त के नाम पर भी मोटा मुनाफा कमाने के लिए अभिभावकों से लूट खसोट कर रहे हैं।
उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेने वाले सभी निजी स्कूलों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से मुद्रित किताबें लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने पर मान्यता रद्द कर दी जाएगी। सीबीएसई से सम्बद्ध स्कूलों को लेकर ऐसे कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
- डा. पुष्पा रानी वर्मा, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार
किसी भी बोर्ड से मान्यता लेने वाले स्कूलों को उसके नियम शर्तों का पालन करना होता है। उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेने वाले निजी स्कूलों को भी यह हिदायत दी जाती है कि स्कूल के पाठ्यक्रम से लेकर अध्यापन तक में विद्यालयी शिक्षा परिषद की गाइड लाइन माननी होगी। इसके बावजूद कई निजी स्कूल परिषद के नियमों को ताक पर रखकर किताबों, ड्रेस व अन्य सामान में कमीशन का खेल खेलते हैं। आगामी सत्र के लिए भी कुछ स्कूल इसी तैयारी में थे। इसकी भनक लगने पर विभाग ने शासन को पूरे मामले से अवगत कराया। जिस पर शासन ने ऐसे स्कूलों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है कि उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से मुद्रित कराई गई किताबें ही स्कूलों में लगाई जाएं। निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने पर मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
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खुद प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। वहीं दूसरी तरफ कॉन्वेंट स्कूलों की मनमानी बराबर जारी है। स्कूलों की ओर से जारी किया गया पाठ्यक्रम सिर्फ चुनिंदा काउंटरों पर मिल रहा है। जिसकी एवज में भारी कीमतें वसूली जा रही हैं। सीबीएसई से जुड़े स्कूलों पर विभाग या प्रशासन का कोई नियंत्रण नजर नहीं आता। जिस कारण अभिभावक लुटने के लिए मजबूर हैं।
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पैसे लेकर स्लिप जारी कर रहे स्कूल
शहर में बुक काउंटर कई कॉन्वेंट स्कूलों ने खोल लिए हैं। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जो अभिभावकों से भुगतान भी खुद ले रहे हैं। पैसे लेकर अभिभावकों को स्लिप जारी की जाती है। यह स्लिप लेकर अभिभावक काउंटर पर जाते हैं, तब जाकर किताबें दी जाती हैं। सूत्र बताते हैं कि स्कूलों ने खुद निजी प्रकाशकों से किताबें छपवाई हैं। एडमिशन के अलावा तरह-तरह की फीस तो अभिभावकों से वसूली ही जा रही है, इनके अलावा ड्रेस व किताबों की खरीद फरोख्त के नाम पर भी मोटा मुनाफा कमाने के लिए अभिभावकों से लूट खसोट कर रहे हैं।
उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेने वाले सभी निजी स्कूलों को उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की ओर से मुद्रित किताबें लगाने के निर्देश दिए गए हैं। निजी प्रकाशकों की किताबें लगाने पर मान्यता रद्द कर दी जाएगी। सीबीएसई से सम्बद्ध स्कूलों को लेकर ऐसे कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
- डा. पुष्पा रानी वर्मा, प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी हरिद्वार