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यूपी की लापरवाही से लाखों का नुकसान
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 20 Nov 2015 12:44 AM IST
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हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर बृहस्पतिवार को बिना सूचना के पानी आने से अर्द्धकुंभ मेले के लिए किए जा रहे निर्माण कार्य बहने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ। करीब 12 घंटे काम बंद रहने से कांगड़ा घाट विस्तार का लगभग 70 मीटर काम पर एक साल के लिए ब्रेक लग गया है। शुक्रवार रात गंगनहर में पानी छोड़ने के बाद से अब यह काम अगले साल गंगा बंदी के दौरान ही हो पाएगा। प्रशासन ने नुकसान के लिए उत्तरी खंड गंगानहर रुड़की, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
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पशुलोक बैराज से उत्तरी खंड गंगा नहर को यह सूचना दी गई थी कि चीला पावर हाउस का चैनल बंद किया जा रहा है। लेकिन यूपी के अधिकारियों ने मेलाधिष्ठान और उत्तराखंड सिंचाई के अधिकारियों की इसकी सूचना नहीं दी गई। यदि सूचना दी जाती तो भागीरथी बिंदु भूपतवाला से हरकी पैड़ी को पानी आने से रोकने और गंगनहर के अंदर कार्यस्थल पर पानी नहीं आने देने की व्यवस्था की जा सकती थी। 12 घंटे काम बंद रहने का नतीजा यह हुआ है कि कांगड़ा घाट पर एक मीटर चौड़ाई में लगभग 70 मीटर लंबा सीमेंट कंक्रीट का जो काम होना था अब वह नहीं हो पाएगा। गंगनहर के अंदर चल रहे अर्द्धकुंभ मेले के कार्य शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक हो पाएंगे।
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गौरतलब है कि वर्ष 2009 में गंगा क्लोजर में किए जा रहे कुंभ मेला-2010 के कार्यों के दौरान भी अचानक पानी आने से करोड़ों का नुकसान हुआ था। इसलिए जानकार लोग इस बार भी पानी आने की घटना को यूपी के अधिकारियों की शरारत और लापरवाही मान रहे हैं। मेलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने इसको गंभीरता से लिया है और कहा कि इसका पता लगाया जाएगा कि ऐसा कैसे हुआ है।
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इनका कहना है
कांगड़ा घाट पर पानी आने तक जो काम किया जा रहा था वह बुधवार दोपहर में बंद हो गया था। लेकिन बृहस्पतिवार को मैन पावर को बढ़ाकर काम किया गया। शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक काम हो पाएगा। उसके बाद काम बंद हो जाएंगे। कांगड़ा घाट पर 12 मीटर लंबा और चार मीटर चौड़ाई के ब्लाक का काम और पानी के स्तर तक टाइल्स लगाने का काम करा लिया जाएगा, किंतु एक मीटर चौड़ाई में 70 मीटर लंबा काम अब नहीं हो पाएगा।
एके मिश्रा, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड, हरिद्वार।
उत्तरी खंड गंगा नहर के अधिकारियों द्वारा उत्तराखंड सिंचाई विभाग को पानी छोड़ने की कोई सूचना दी नहीं गई। पानी छोड़ने या न छोड़ने की सूचनाओं का आदान-प्रदान बैराज से बैराज के बीच होता है। लेकिन हमें किसी ने सूचना नहीं दी।
डीएस कछवाहा, अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड, हरिद्वार।
पशुलोक बैराज से यह सूचना तो थी कि चीला पावर चैनल को बंद किया जा रहा है। लेकिन पूरे पौंड को एक साथ खाली करने की जानकारी नहीं दी थी। बैराज के गेटों को एक-एक कर धीरे-धीरे खोलकर पानी छोड़ा जाता है। एक साथ सभी गेटों को खोलने से अधिक पानी आया है।
सीबी यादव, अधिशासी अभियंता, उत्तरी खंड गंगा नहर रुड़की।
एससी ने किया निरीक्षण
हरिद्वार। पशुलोक से अचानक पानी छोड़ने से अर्द्धकुंभ के सिंचाई विभाग के कार्यों के नुकसान का जायजा लेने बृहस्पतिवार को सिंचाई कार्य मंडल मुनिकी रेती, ऋषिकेश से अधीक्षण अभियंता मोहन चंद्र पांडेय ने हरिद्वार पहुंचकर कार्यों की निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता डीएस कछवाहा और विभाग के अन्य अधिकारियों से उन्होंने नुकसान की जानकारी ली। उन्होंने शेष समय मेेें अधिक से अधिक कार्य पूर्ण करने और कार्यस्थल पर रहने के निर्देश दिए अधिकारियों को दिए। बताया जाता है कि अधीक्षण अभियंता ने निरीक्षण के बाद मेलाधिकारी को पानी आने से हुई क्षति के संबंध में अवगत करा दिया गया है।
मेलाधिकारी ने भी किया निरीक्षण
हरिद्वार। अर्द्धंकुंभ मेलाधिकारी एसस मुरुगेशन ने बृहस्पतिवार देर शाम हरकी पैड़ी पहुंच गंगनहर के अंदर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। मेलाधिकारी ने कांगड़ाघाट के विस्तार कार्य की पड़ताल की और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बुधवार को अचानक आए पानी से हुए नुकसान की जानकारी ली। सहायक अभियंता एके मिश्रा ने स्थिति से मेलाधिकारी का अवगत कराया। बुधवार दोपहर से रातभर काम बंद रहने से कितना कार्य प्रभावित हुआ इसकी भी उन्होंने जानकारी ली।