{"_id":"5820bcac4f1c1bf77eb381cf","slug":"two-colonies-vulnerable-to-disease-mystery","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो कालोनियां रहस्यमयी बीमारी की चपेट में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो कालोनियां रहस्यमयी बीमारी की चपेट में
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 07 Nov 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की दो कालोनियों में रहस्यमयी बीमारी से लोग पीड़ित हैं। मरीजों को बुखार होता है, लेकिन उपचार से लोग स्वस्थ नहीं हो रहे हैं। समस्त जांचें भी कराई गई हैं, लेकिन विभागीय डाक्टर बीमारी कौन सी है, इसका पता नहीं लगा पा रहे हैं। विशेषज्ञ हैरान है कि बीमारी का पता क्यों नहीं चल पा रहा है।
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालोनी के सामने वाली और स्टेशन के पीछे की कालोनियों में लोग बुखार से पीड़ित हैं। दवा लेकर मरीजों का बुखार ठीक भी हो जा रहा है, लेकिन दो-चार दिन बाद फिर से बुखार आ रहा है। जांच में भी बीमारी का पता नहीं चल रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर संदीप निगम ने बताया कि हरिद्वार की दो कालोनियों में महीने भर से बुखार से लोग पीड़ित हैं। मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पीड़ितों की खून की जांच के साथ-साथ एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड तक कराए गए लेकिन, बीमारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इससे उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
शिवालिकनगर कलस्टर-ए निवासी रविंद्र वशिष्ठ ने बताया कि उनकी कालोनी में भी कई लोग बीमार हैं, लेकिन बीमारी का पता नहीं चल पा रहा है। उनके पड़ोसी अश्वनी कुमार की सभी जांचें की गई हैं, लेकिन बीमारी का पता नहीं चल पा रहा है।
विज्ञापन
डेंगू का डंक फिर हुआ तेज
भले ही सर्दी पड़ने लग गई हैं, लेकिन डेंगू का डंक कम नहीं हो रहा है। इससे पीड़ित लगातार अस्पताल में आने से डाक्टर भी हैरत में हैं। स्वास्थ्य विभाग घरों में गंदगी के साथ-साथ लार्वा पनपने का कारण बता रहा है।
बरसात से अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या डेढ़ हजार पार कर गई है। इस माह में भी डेंगू के मरीजों के मामले आ रहे हैं। जिला मलेरिया विभाग ने कीटनाशक के छिड़काव के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रम भी बंद करवा दिए गए हैं। जिला अस्पताल के संक्रमित प्रभारी डा. संदीप निगम ने बताया कि डेंगू के मरीजों की संख्या में गिरावट तो आई है, लेकिन अब भी प्रतिदिन 4 से 8 मरीज डेंगू के आ रहे हैं। उन्हें जांच कर एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही हैं।
डेंगू के बढ़ने का कारण घरों में लार्वा पैदा होना है। बाहर मच्छर नहीं है, लेकिन घरों में मच्छर अंडे दे रहा है। यदि लोग सचेत नहीं हुए और घरों में सफाई नहीं करवाई तो स्थिति भयंकर होगी। वहीं, ऋषिकुल के सामने की कालोनियों में गंदगी की भरमार है। वहां लोगों को चिकनगुनिया के साथ-साथ वायरल भी है। मरीजों की लगातार जांचें कराई जा रही हैं। कालोनियों में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। इसके अलावा जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे।
डा. बीएस जंगपांगी, सीएमओ, हरिद्वार।
विज्ञापन
ऋषिकुल आयुर्वेदिक कालोनी के सामने वाली और स्टेशन के पीछे की कालोनियों में लोग बुखार से पीड़ित हैं। दवा लेकर मरीजों का बुखार ठीक भी हो जा रहा है, लेकिन दो-चार दिन बाद फिर से बुखार आ रहा है। जांच में भी बीमारी का पता नहीं चल रहा है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर संदीप निगम ने बताया कि हरिद्वार की दो कालोनियों में महीने भर से बुखार से लोग पीड़ित हैं। मरीजों की संख्या बढ़ रही है। पीड़ितों की खून की जांच के साथ-साथ एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड तक कराए गए लेकिन, बीमारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इससे उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन
शिवालिकनगर कलस्टर-ए निवासी रविंद्र वशिष्ठ ने बताया कि उनकी कालोनी में भी कई लोग बीमार हैं, लेकिन बीमारी का पता नहीं चल पा रहा है। उनके पड़ोसी अश्वनी कुमार की सभी जांचें की गई हैं, लेकिन बीमारी का पता नहीं चल पा रहा है।
विज्ञापन
डेंगू का डंक फिर हुआ तेज
भले ही सर्दी पड़ने लग गई हैं, लेकिन डेंगू का डंक कम नहीं हो रहा है। इससे पीड़ित लगातार अस्पताल में आने से डाक्टर भी हैरत में हैं। स्वास्थ्य विभाग घरों में गंदगी के साथ-साथ लार्वा पनपने का कारण बता रहा है।
बरसात से अब तक डेंगू के मरीजों की संख्या डेढ़ हजार पार कर गई है। इस माह में भी डेंगू के मरीजों के मामले आ रहे हैं। जिला मलेरिया विभाग ने कीटनाशक के छिड़काव के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रम भी बंद करवा दिए गए हैं। जिला अस्पताल के संक्रमित प्रभारी डा. संदीप निगम ने बताया कि डेंगू के मरीजों की संख्या में गिरावट तो आई है, लेकिन अब भी प्रतिदिन 4 से 8 मरीज डेंगू के आ रहे हैं। उन्हें जांच कर एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही हैं।
डेंगू के बढ़ने का कारण घरों में लार्वा पैदा होना है। बाहर मच्छर नहीं है, लेकिन घरों में मच्छर अंडे दे रहा है। यदि लोग सचेत नहीं हुए और घरों में सफाई नहीं करवाई तो स्थिति भयंकर होगी। वहीं, ऋषिकुल के सामने की कालोनियों में गंदगी की भरमार है। वहां लोगों को चिकनगुनिया के साथ-साथ वायरल भी है। मरीजों की लगातार जांचें कराई जा रही हैं। कालोनियों में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। इसके अलावा जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे।
डा. बीएस जंगपांगी, सीएमओ, हरिद्वार।