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आज गुरुवार को दक्षिणायन हो जाएंगे भगवान भास्कर
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आज बृहस्पतिवार को छह महीने का दक्षिणायन शुरू हो रहा है। इसी के साथ सूर्य मिथुन राशि को छोड़कर कर्क में प्रवेश करेंगे। साथ ही इसी दिन शिवालयों में कामदा एकादशी का जलाभिषेक होगा। वहीं, सावन का जल शिवचौदस के दिन 19 जुलाई को चढ़ाया जाएगा।
वर्ष में दो बार सूर्य अपना यात्रा मार्ग बदलते हैं। अभी तक वह उत्तरायण थे और आज से दक्षिणायन हो जाएंगे। बृहस्पतिवार से उनकी कर्क राशि का एक मास भी शुरू हो रहा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि आज सुबह 10.35 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह समय शिवालयों में कामदा एकादशी जलाभिषेक के लिए सर्वश्रेष्ठ है। डॉ. मिश्रपुरी ने बताया कि 18 जुलाई के प्रदोष काल में जलाभिषेक का समय शाम सूर्यास्त के बाद माना गया है। 19 जुलाई को रात 9.30 बजे से 11.33 बजे तक जलाभिषेक का मुहूर्त है। यदि कोरोना काल न होता तो उस दिन कांवड़ का जल चढ़ाया जाता। अब सभी स्थानों पर स्थानीय स्तर पर जलाभिषेक किया जाएगा।
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वर्ष में दो बार सूर्य अपना यात्रा मार्ग बदलते हैं। अभी तक वह उत्तरायण थे और आज से दक्षिणायन हो जाएंगे। बृहस्पतिवार से उनकी कर्क राशि का एक मास भी शुरू हो रहा है। ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी ने बताया कि आज सुबह 10.35 बजे सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। यह समय शिवालयों में कामदा एकादशी जलाभिषेक के लिए सर्वश्रेष्ठ है। डॉ. मिश्रपुरी ने बताया कि 18 जुलाई के प्रदोष काल में जलाभिषेक का समय शाम सूर्यास्त के बाद माना गया है। 19 जुलाई को रात 9.30 बजे से 11.33 बजे तक जलाभिषेक का मुहूर्त है। यदि कोरोना काल न होता तो उस दिन कांवड़ का जल चढ़ाया जाता। अब सभी स्थानों पर स्थानीय स्तर पर जलाभिषेक किया जाएगा।
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