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फिर वही कुंभ और फिर वही सरकार
कौशल सिखौला हरिद्वार
Updated Sat, 18 Mar 2017 10:09 PM IST
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उत्तराखंड में भाजपा की सरकार एक बार फिर से आई है। इसी दल की सरकार ने वर्ष 2010 में हरिद्वार महाकुंभ कराया था, जो अनेक कारणों से चर्चित रहा था। अब संयोग से भाजपा सरकार के हिस्से में ही 2021 में पड़ने वाला दूसरा कुंभ आएगा। 17 बरस में भाजपा को हरिद्वार के दो महाकुंभ कराने का अवसर प्राप्त होगा।
वर्ष 2021 का महाकुंभ 12 नहीं बल्कि 11 वर्ष बाद पड़ रहा है। कुंभ काल गणना के अनुसार 12 वर्ष बाद ही पड़ते हैं। प्रत्येक सात कुंभ बीत जाने पर ज्योतिषीय गणित कुछ इस तरह गड़बड़ाता है कि हरिद्वार का प्रत्येक आठवां कुंभ 11 वर्ष बाद पड़ता है। वर्ष 2010 के बाद अब अगला कुंभ 2021 में पड़ेगा, जिसकी तैयारियां अगले साल शुरू हो जाएंगी। 2010 की तरह यह कार्य भी प्रदेश की नई भाजपा सरकार को करना पड़ेगा। पिछले कुंभ में रमेश पोखरियाल निशंक की सरकार थी और अनेक कारणों से वह कुंभ बहुचर्चित रहा था। कुंभ कार्यों को लेकर अनेक जांच भी बैठाई गई, जिन पर कोई निर्णय अभी तक नहीं हुआ। अब पिछले शिकवे धोने के लिए प्रदेश भाजपा सरकार को एक और मौका मिलेगा। संयोग यह भी है कि निशंक भले ही मुख्यमंत्री न बने हों, लेकिन मदन कौशिक फिर से मंत्री पद पर आ गए हैं।
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