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तो करंट लगने से ही हुई युवकों की मौत

Wed, 11 May 2016 11:23 PM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Wed, 11 May 2016 11:23 PM IST
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Then moved to the current seemingly killed youth
तो करंट लगने से हुई थी मौत - फोटो : अमर उजाला

हरिद्वार। हरकी पैड़ी क्षेत्र में जनाना घाट से सटे पुल के पास नहाते समय  लखीमपुर खीरी के तीन युवकों की मौत ने विभागीय लापरवाही की पोल खोल दी है। पुलों के ऊपर बिजली की तारें फैली पड़ी हैं। जो अक्सर प्लास्टिक का कवर उतर जाने से लोहे की चेनों में करंट दौड़ाकर हादसे का कारण बन सकती हैं। मंगलवार की शाम हुआ हादसा भी इसी का परिणाम माना जा रहा है। खास बात यह है कि दुनिया भर से जिस स्थान हर रोज भारी भीड़ आती है। वहां की व्यवस्थाओं के प्रति अधिकारी इतने लापरवाह बने हैं किसी का इस तरफ ध्यान ही नहीं गया।

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मालूम हो कि 10 मई को शाम सांध्यकालीन गंगा आरती के समय लखीमपुर खीरी के तीन युवकों की हरकी पैड़ी के पास पुल के नीचे गंगा में नहाते समय हेमू (25) पुत्र सभाजीत सिंह निवासी पटेलनगर, लखीमपुर खीरी, छोटू (20) पुत्र काशीराम चौरसिया निवासी बहादुरनगर नगर लखीमपुर खीरी, ज्ञानू (21)  पुत्र महेंद्र सिंह निवासी शिव कालोनी, लखीमपुर खीरी की मौत हो गई थी। शुरूआती जांच में यही माना गया कि युवकों की मौत गंगा में डूबने से हुई, लेकिन कुछ लोगों ने करंट लगने से मौत की आशंका जताई थी। मृतक युवकों के साथ के एक युवक गोपी ने बताया कि लाइट जलते ही उनको करंट के झटके का अहसास हुआ। इन लोगों ने पुल से लटकी चेनों को पकड़ रखा था। अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात को मनाने को कोई तैयार नहीं। जिलाधिकारी ने भी हादसे के जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद असली वजह सामने आ जाएगी। लेकिन हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर जिस तरह से बिजली की तारें फैली हैं उससे यही आशंका जताई जा रही है कि युवकों की मौत करंट लगने से हुई होगी। अमर उजाला ने जब बुधवार को घाटों का निरीक्षण किया तो कई अव्यवस्थाएं नजर आई।    
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जनाना घाट
हरकी पैड़ी से महिला घाट को जोड़ने वाले इस पुल के पास यात्रियों को डूबने से बचाने के लिए लोहे की कई चेन लगाई हुई हैं। लापरवाही का इससे बड़ा उदाहरण और क्या होगा कि उन्होंने बिजली की तारें लोहे की चेन पर लपेटी हुई हैं। जब श्रद्धालु इन चेनों को पकड़कर नहाते हैं तो दबाव पड़ने पर इन तारों पर लगा प्लास्टिक का कवर छिल जाने से इनमें करंट आ जाता है।
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संजय पुल के पास
हरकी पैड़ी के मुख्य संजय पुल के पास जहां हर स्नान पर लाखों लोगों की भीड़ जुटती है। हर रोज आरती के समय भी जहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है, वहीं किनारे पर बिजली की तारों का बड़ा गुच्छा लपेटकर छोड़ दिया गया। बुधवार को इस गुच्छे में बिजली की तार कटी हुई मिली। जिसपर टेप चिपकाई गई थी। यहां कभी भी इन तारों से यात्रियों को करंट लग सकता है।
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मालवीय घाट की सीढ़ियां
मालवीय घाट से हरकी पैड़ी पुुलिस चौकी की ओर जाने वाली सीढ़ियों के दोनों तरफ स्ट्रीट लाइट की तारें लोहे के पोल से टच कर रहीं हैं। यहां भी बिजली के तारों में कट देखने को मिली। बारिश और घाटों की धुलाई के समय ये सीढ़ियां भी हादसों का सबब बन सकती हैं।
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रातभर मिटाए हादसे के निशान
तीन युवकों की मौत के बाद जब जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ और एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने अन्य अधिकारियों के साथ घटना स्थल का दौरा किया तो लोगों के मुंह से सच सुनकर वे भी दंग रह गए। अधिकारी तो लौट आए लेकिन इसके बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने रातभर हादसे के निशान मिटाने की कोशिश की। मालवीय घाट और उसके आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि देर रात ऐसे सभी स्थानों पर नंगी तारों को टेप लगाया गया। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता एनएस बिष्ट, अधिशासी अभियंता वीएस पंवार और नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी आदि अधिकारियों ने रात में ही घटनास्थल का निरीक्षण किया था।
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अर्द्धकुंभ प्रशासन ने क्या देखा
हरिद्वार। सुभाष घाट के पास रहने वाले आरटीआई कार्यकर्ता रमेशचंद शर्मा क्षेत्रीय पार्षद कन्हैया खेवड़िया, दुकानदार सुमित तिवारी आदि ने बताया कि तारों की यह हालत केवल अभी से ऐसी नहीं है बल्कि अर्द्धकुंभ मेला शुरू होने से पहले भी हालत ऐसे ही थे। बैठकों और निरीक्षण के दौरान मेला प्रशासन के अधिकारियों का इस ओर कई बार ध्यान दिलाया गया। इसी हालात में पूरा मेला बीत गया। अव्यवस्था जस की तस बनी हुई है। सवाल यह उठता है कि क्षेत्र में चौबीस घंटे में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का दावा करने वाले लगातार पेट्रोलिंग कर तारों की चेकिंग के दावे करने वाले मेला प्रशासन के अधिकारियों ने आखिर यहां क्या देखा और क्या किया। अगर इस तरह का हादसा अर्द्घकुंभ में हो जाता तो । सवाल हर रोज घाटों पर ही घूमने वाली स्थानीय पुलिस के कर्मचारियों पर भी उठता है।
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डीएम ने नगर आयुक्त को लिखा पत्र
तीन युवकों की मौत का कारण करंट लगने बताए जाने को देखते हुए जिलाधिकारी ने बुधवार को नगर आयुक्त को पत्र लिखकर हरकी पैड़ी क्षेत्र में फैली सभी तारों को व्यवस्थित करने और उन्हें पाइपों में सुरक्षित कराने के निर्देश दिए।
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दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
हरिद्वार। हर की पैड़ी महिला घाट को मालवीय द्वीप से जोड़ने वाले पुल के  पास करंट आने के कारणों की जांच नगर निगम भी करा रहा है। नगर आयुक्त  विप्रा त्रिवेदी ने कहा कि यदि नगर निगम के पथ प्रकाश कर्मियों में से किसी की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी ने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ हर की पैड़ी के दुर्घटना वाले पुल का निरीक्षण किया।  

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सीसीआर से किया गया था करंट आने का फोन
लालजीवाला के विद्युत वितरण उपखंड अधिकारी अमीचंद ने बताया कि बिजली घर पर सायं लगभग 7 बजे सीसीआर से फोन आया था कि पुल पर करंट आ रहा है। जैसे ही उन्हें  सूचना मिली वह घटना स्थल पर पहुंच गए थे। तब तक जिन युवाओं को करंट लगा था  उन्हें अस्पताल ले जाया जा चुका था। पुल पर जो सांकल का झूला बना है उसके  वायर से टकराने से करंट आने की आशंका हो सकती है।

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