विधायक निधि से बने पुस्तकालयों की जगह पूछने के लिए बृहस्पतिवार को हरिद्वार विकास समिति के युवा नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त से मिले। रवि बाबू शर्मा के नेतृत्व में युवाओं ने कहा कि पुस्तकालयों के लिए वह किताबें देना चाहते हैं। पुस्तकालय कहां-कहां संचालित हो रहे हैं, उनका पता बता दीजिए। सहायक नगर आयुक्त ने खुद को कुछ समय पहले ही निगम में तैनाती का हवाला देते हुए पुस्तकालयों की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
दरअसल, हरिद्वार में विधायक निधि से बने पुस्तकालय वर्षों से राजनीति मुद्दा बने हैं। 2010 में विधायक निधि से 16 पुस्तकालयों के लिए बजट जारी हुआ था। पुस्तकालयों के अस्तित्व को लेकर विवाद चल रहा है। नगर निगम की ओर से हाईकोर्ट में दिए शपथपत्र के अनुसार निगम सभी पुस्तकालयों का संचालन कर रहा है। जबकि कांग्रेस के पदाधिकारी आरोप लगाते आए हैं कि पुस्तकालय कागजों में चल रहे हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है।
बृहस्पतिवार को कुछ युवा नगर निगम कार्यालय पहुंचे। सहायक नगर आयुक्त एमएल शाह से मिले और बोले कि पुस्तकालयों के लिए किताबें दान करना चाहते हैं। पुस्तकालयों का भौतिक सत्यापन करवा दीजिए, ताकि जरूरत के हिसाब से किताबें दी जा सकें। सहायक नगर आयुक्त ने बताया कि उनकी तैनाती कुछ समय पहले ही निगम में हुई है। पुस्तकालय की उनको जानकारी नहीं है। इस दौरान जतिन सोढ़ी, नितिन तेश्वर, मोहित गौड़, आशीष जैन, कैश खुराना, सौरभ भारद्वाज, मोहित गर्ग, ईशान शर्मा आदि शामिल रहे।