{"_id":"57d98f4c4f1c1b2d46d49205","slug":"the-way-of-the-easy-rvasan","type":"story","status":"publish","title_hn":"रवासन की राह होगी आसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रवासन की राह होगी आसान
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 14 Sep 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
रवासन पर बनेगा पुल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्यामपुर। श्यामपुर, लालढांग और आसपास के ग्रामीणों को बरसात में जान जोखिम में डालकर रवासन नदी पार नहीं करनी पड़ेगी। नदी पर पुल बनाने की मांग पूरी होने जा रही है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को पुल का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस मौके पर सीएम ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए कृतसंकल्प है। जल्द ही कोटद्वार को जोड़ने वाला चिल्लरखाल मार्ग भी बनाया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री हरीश रावत जनता से मिलने के अपने कार्यक्रम के बहाने बुधवार को दोपहर बाद लालढांग पहुंचे। यहां उन्होंने ग्राम रसूलपुर के पास स्थित रवासन नदी पर लंबे समय से चली आ रही मांग पुल का शिलान्यास किया। इस मौके पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कोटद्वार को जोड़ने वाले चिल्लरखाल मार्ग का निर्माण भी जल्द पूरा कराया जाएगा। जिससे गढ़वाल को लालढांग व आसपास के क्षेत्र को जोड़ने में मदद मिले। उन्होंने अपनी सरकार को विकास के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि हर जगह तक विकास की किरण पहुंचे, सरकार इस प्राथमिकता के आधार पर काम कर रही है। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सरकार महिला सहायता समूहों के जरिये महिलाओं को सशक्त बनाने की पक्षधर है। उन्होंने सभी पंजीकृत सहायता समूहों के खाते में पांच पांच हजार रुपये डालने के आदेश दिए। जिससे वह छोटे स्तर पर अपना कार्य शुरू कर सकें। सीएम ने कहा कि मेहनत करके अपनी पहचान बनाने वाले समूहों को एक लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पट्टे की जमीन का मालिकाना हक देने के मामले में उन्होंने दलित परिवारों को प्राथमिकता देने की बात कही। वन गुर्जरों को आवंटित किए गए आवास सील करने की समस्या पर सीएम ने कहा कि इस बारे में उन्होंने एक समिति गठित की है, जो पूरे मामले का अध्ययन कर रही है। सीएम ने कहा कि लालढांग का विकास उनकी प्राथमिकता में है। लालढांग को तहसील बनाने और यहां आईटीआई बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। अनुपमा रावत ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार को सभी वर्गों की हितैषी बताया। सभा को सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष किरणपाल वाल्मीकि, पूर्व विधायक अंबरीश कुमार, कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह, युंका लोकसभा अध्यक्ष रामविशाल देव, जिलाध्यक्ष तेलूराम सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
विज्ञापन
गुरजीत सिंह लहरी के संचालन में हुई सभा में जिला पंचायत सदस्य सुखविंद्र कौर, साधुराम चौहान, मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी पुरुषोत्तम कुमार, दीपक जखमोला, महिला कांग्रेस अध्यक्ष मोनिका जैन, धर्मेंद्र अंबूवाला, नसीम अंसारी, इरशाद अली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
विज्ञापन
-------------
फिलहाल 200 मीटर बनेगा पुल
रवासन नदी पर जिस पुल का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया है, प्रथम चरण में फिलहाल वह 200 मीटर बनेगा। जबकि यहां 300 मीटर पुल बनाए जाने की मांग चल रही है। इसके लिए फिलहाल 19.16 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है। लोनिवि के सहायक अभियंता आरपी नैथानी ने बताया कि शेष 100 मीटर की अनुमति भी शासन से मिल गई है, जरूरत पड़ी तो बाकी 100 मीटर पुल का निर्माण सिंचाई विभाग के साथ तालमेल बनाकर कर लिया जाएगा।
--------
बोर्ड पर नाम, मौके से नदारद रहे विधायक
रवासन नदी का यह पुल लंबे समय से क्षेत्र में राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। नियमों के अनुसार विकास की किसी भी योजना में क्षेत्रीय विधायक को भी आमंत्रित किया जाता है। इस पुल का शिलान्यास का कार्यक्रम प्रशासन ने अति गोपनीय रखा। मंगलवार रात तक भी जब मुख्यमंत्री का कार्यक्रम आया तो केवल मेल मुलाकात का कार्यक्रम ही घोषित था। बुधवार को जब सीएम कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो पुल का शिलान्यास विधिवत तरीके से कराया गया। इससे तय है कि पुल का शिलान्यास कार्यक्रम पहले से बना था। राजनीतिक कारणों से इसे गोपनीय रखा गया। भाजपा के क्षेत्रीय विधायक स्वामी यतीश्वरानंद का नाम शिलान्यास के पत्थर पर तो अंकित किया गया है, लेकिन विधायक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए। विधायक यतीश्वरानंद का आरोप है कि उन्हें तो कार्यक्रम की सूचना तक नहीं दी गई। यह मामला दिन भर चर्चाओं में रहा। इतना ही नहीं क्षेत्र के कांग्रेसी भी मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान छिटके नजर आए।