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मेरी छोटी सी भूमिका से रोपित सेवा का बीज आज बन चुका वट वृक्ष: राष्ट्रपति

Sun, 27 Mar 2022 11:30 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 11:30 PM IST
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The seed of service planted by my small role has become a banyan tree today: President
दरूव्य प्रेम सेवा मिशन के रजत जयंती के समापन समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को स्मृति चिन्? - फोटो : HARIDWAR
दिव्य प्रेम सेवा मिशन के रजत जयंती समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि उनकी छोटी सी भूमिका से रोपित सेवा का बीज आज वट वृक्ष बन चुका है। उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी कि संस्था के अध्यक्ष आशीष ने सेवा की जो संकल्पना की है वह इस रूप में साकार होगी। इसके साथ ही मिशन के साथ 25 साल की उनकी यादें फिर से ताजा हो गई हैं। उन्होंने देश के युवाओं से कुष्ठ प्रभावित लोगों की सेवा करने के अनुकरणीय उदाहरणों से प्रेरणा लेकर सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
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रविवार को दिव्य प्रेम सेवा मिशन परिसर में चल रहे समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि सौभाग्य से देवभूमि उत्तराखंड आने का अवसर उन्हें अनेक बार प्राप्त होता रहा है। यह एक सुखद संयोग है कि राष्ट्रपति पद का कार्यभार ग्रहण करने के बाद उत्तराखंड की उनकी पहली यात्रा दिव्य प्रेम सेवा मिशन से ही हुई थी। यह स्थान सृष्टि के पालन और प्रलय सहित जगत की ईश्वरीय लीला के संपूर्ण चक्र से जुड़ा हुआ है। अध्यात्म के मार्ग पर चलते हुए दिव्य प्रेम सेवा मिशन की स्थापना की गई जो लोककल्याण के मार्ग पर अग्रसर है। यह इस माटी का ही प्रभाव था कि मिशन के संस्थापक आशीष ने गंगा के तट पर मानवता की सेवा का यह पुनीत कार्य प्रारंभ किया।
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उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद संविधान की ओर से अस्पृश्यता का अंत कर उसे दंडनीय बनाया गया लेकिन दुर्भाग्य से सदियों से चली आ रही कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के प्रति मानसिक अस्पृश्यता आज भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाई है। यह अज्ञानता आधुनिक युग में भी विद्यमान है। इन्हें दूर करने की दिशा में दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सार्थक प्रयासों की वह सराहना करते हैं। कुष्ठ रोगियों की सेवा के उद्देश्य से दिव्य प्रेम सेवा मिशन के संस्थापक आशीष ने इस मिशन की नींव रखी। आज से दो दशक पूर्व एक युवा का प्रयागराज से हरिद्वार आकर समाज की परंपराओं के विरुद्ध इस संस्थान की स्थापना और विकास करना आसान नहीं था। कुष्ठ रोगियों का उपचार, विद्यालयों में कुष्ठ प्रभावित लोगों के बच्चों को शिक्षा प्रदान करना, छात्रावास की व्यवस्था, विशेषकर बेटियों को भी छात्रावास की सुविधा देना और शोभा स्मृति कौशल विकास केंद्र की स्थापना करना बहुत सराहनीय है।
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उन्होंने कहा कि ऐसे उत्कृष्ट सेवाकर्म और समर्पण के लिए इस मिशन की गतिविधियों और उसके विकास को तब से देख रहे हैं जब यहां घासफूस की एक झोपड़ी में कुष्ठ पीड़ितों की चिकित्सा सेवा आरंभ की गई थी। आज यह मिशन बड़े पैमाने पर सेवारत है। राष्ट्रपति ने दिव्य प्रेम सेवा मिशन, सेवाकुंज परिसर में शिव अवतरण, शिव ज्ञान से जीव सेवा यज्ञ, सवा करोड़ पार्थिव शिवलिंग पूजन, एक वर्षीय अनुष्ठान कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। साथ ही विल्व के पौधे रोपे। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि), देश की प्रथम महिला सविता कोविंद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम, योग गुरु स्वामी रामदेव, संयोजक संजय चतुर्वेदी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, डॉ. धन सिंह रावत, सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, ऋषिकेश मेयर अनिता ममगाईं, शिव प्रताप शुक्ल, सचिव विनोद कुमार सुमन, जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय, एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत मौजूद थे।
हाईवे और शहर में जाम से जूझे लोग
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हरिद्वार पहुंचने के दौरान हाईवे और शहर के अंदर जाम लग गया। राष्ट्रपति के लौटने तक बार-बार जाम लगता रहा। फ्लीट निकलने तक शहर की गलियां और कई मार्गों को बंद कर दिया गया।
रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद हेलीकॉप्टर से भेल स्थित हेलीपैड पर पहुंचे। करीब साढ़े दस बजे उनकी फ्लीट वहां से रवाना होकर भेल मुख्य मार्ग, भगत सिंह चौक, चंद्राचार्य चौक, प्रेम नगर चौक से होकर हाईवे से होते हु चंडीघाट स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन पहुंची। इस दौरान सड़क यातायात को रोकते हुए बिल्कुल खाली करा दिया गया। राष्ट्रपति की फ्लीट निकल जाने के बाद जब वाहनों को जाने दिया गया तो यातायात व्यवस्था बिगड़ गई। हर तरफ जाम लग गया। देहरादून-दिल्ली हाईवे के साथ ही शहर के अंदर भी वाहनों की कतारें लगी रही। संवाद

अविरल ने दिया स्वच्छता का संदेश
दिव्य सेवा प्रेम मिशन में आयोजित रजत जयंती समारोह में प्रोजेक्ट अविरल ने स्वच्छता का संदेश दिया। नगर निगम के कर्मचारियों के सहयोग से भोजन व्यवस्था में निकले अपशिष्ट को गीला-सूखा श्रेणियों में अलग कराकर राष्ट्रपति रामनाथ सिंह कोविंद, मुख्यमंत्री पुष्कर धामी व अन्य विशिष्ट अतिथियों के समक्ष स्वच्छता के संदेश को पहुंचाया। मिशन के संजय चतुर्वेदी, प्रशांत खरे व ऋषिकेश की संस्था बिलीव इन स्माइल्स के स्वयंसेवकों का सहयोग मिला। इस दौरान सफाई निरीक्षक श्रीकांत, सुनीत, मनोज मौजूद रहे।

दिव्य प्रेम सेवा मिशन के रजत जयंती के समापन समारोह में राष्ट्रगान के दौरान मंच पर मौजूद राष्ट्रप?

दिव्य प्रेम सेवा मिशन के रजत जयंती के समापन समारोह में राष्ट्रगान के दौरान मंच पर मौजूद राष्ट्रप?- फोटो : HARIDWAR

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