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हाथरस के प्रेमी युगल ने की खुदकुशी
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Sat, 03 Sep 2016 10:02 PM IST
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lovers of Hathras commits suicide
- फोटो : amarujala
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प्त सुसाइड नोट में प्रेमी युगल ने तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए उन्हें ही अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। युवक गाजियाबाद में एक कंपनी में नौकरी कर रहा था।
शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे होटल सम्राट के प्रबंधन ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि उनके यहां ठहरा एक युगल सुबह से कमरे से बाहर नहीं आया है। कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने पहुंचकर कमरे के दरवाजे की कुंडी तुड़वाई। अंदर का दृश्य देखकर पुलिस सन्न रह गई। बेड पर युवती और नीचे युवक का शव पड़ा था। युवती के मुंह से झाग निकल रहा था। घटनास्थल से एक संक्षिप्त सुसाइड नोट, आईडी प्रूफ, नुवान की दो शीशी, लंच बॉक्स एवं एक बैग बरामद हुआ।
कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि आधार कार्ड के अनुसार युवक का नाम सुमित दीक्षित पुत्र अतेेंद्र दीक्षित निवासी गांव लोधई जलेसर आरएस जिला हाथरस यूपी और युवती का नाम सुसाइड नोट एवं होटल के रजिस्टर में नंदिनी दीक्षित लिखा है। कोतवाली प्रभारी के अनुसार सुसाइड नोट में मुनीश, शीले एवं जय दीक्षित नाम का जिक्र करते हुए लिखा है कि यह ही उनकी मौत के लिए जिम्मेदार है। इनके उत्पीड़न से आजिज आकर ही वह आत्महत्या कर रहे हैं। कोतवाली प्रभारी के अनुसार युवक के भाई से बात हुई है। उसने बताया है कि, युवती उन्हीं के गांव की रहने वाली है, लेकिन उनका परिवार कई वर्ष से किसी दूसरे शहर में रह रहा है। बकौल कोतवाली प्रभारी कि इससे ज्यादा जानकारी भाई ने नहीं दी। परिजनाें के आने पर ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी। बताया कि दो सितंबर की शाम साढ़े छह बजे प्रेमी युगल यहां आकर ठहरा था।
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तीन नाम खोलेंगे आत्महत्या की गुत्थी
सुसाइड नोट में लिखे नाम ही आत्महत्या की गुत्थी सुलझाएंगे। इसके लिए मृत युगल के परिजनों के आने का पुलिस इंतजार कर रही है।
एक बड़ा सवाल हर किसी को कौंध रहा है कि आखिर प्रेमी जोड़े ने यह कदम क्यों उठाया। उन्हें प्रताड़ित करने वाले तीन लोग कौन हैं। आखिर वो लोग किस तरह से प्रेमी जोड़े को आघात पहुंचा रहे थे कि उन्होंने मौत को ही आखिरी रास्ता चुनना ठीक समझा। मौत की पटकथा लिखने की हसरत से ही प्रेमी जोड़ा यहां पहुंचा था, क्योंकि, सुसाइड नोट पर दोनों ने अपने- अपने हस्ताक्षर किए हैं। युवती ने भी अपने नाम के आगे युवक की जाति यानि दीक्षित लिखा है।
महज चार लाइन के सुसाइड नोट में प्रेमी जोड़े ने जिंदगी से मुंह मोड़ लेने की दास्तां लिखी है। जाहिर है कि वह इतने परेशान थे कि जान देना ही उन्हें आखिरी विकल्प दिखा। शुक्रवार को वह यहां पहुंचे थे। तब होटल के रजिस्टर में भी युवक ने सही नाम पता दर्ज कराया था और प्रेमिका को अपनी पत्नी बताया था। यही नहीं वे शाम के वक्त घूमने भी गए थे। फिर लौटकर दरवाजा बंद किया था। कमरे से अमरूद का आधा टुकड़ा मिला था। माना जा रहा है कि अमरूद में मिलाकर निवान खाई गई है।
17 अगस्त को भी हरिद्वार में था युवक
हरिद्वार। युवक के बैग से एक स्थानीय रेडीमेड गारमेंट के शोरूम की रसीद मिली है। उस पर 17 अगस्त की तारीख दर्ज है। इससे ऐसा लगता है कि युवक यहंा पहले भी आया था। तब युवती उसके साथ थी या नहीं, ये नहीं पता। युवक ने गाजियाबाद के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते की चेकबुक भी छोड़ी है। हर चेक में उसने अपने साइन किए हुए हैं और चेक पर अपने पिता का नाम लिखा है। ब्यूरो
घर से लाए थे खाना
हरिद्वार। प्रेमी युगल अपने घर से खाना लेकर आया था। बैग से एक लंच बॉक्स के तीन बॉक्स मिले है। उनमे खाना नहीं है। यानि कि युगल मे से कोई न कोई खाना लेकर आया था। ब्यूरो
भाई ये तो सुसाइड गली है
हरिद्वार। चित्रा टाकीज वाली गली में एक पखवाड़े में सुसाइड करने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले ऊधमसिंह नगर के जसपुर के रहने वाले युगल ने आत्महत्या की थी। घटनास्थल पर मौजूद हर व्यक्ति इस गली को सुसाइड गली बोलता रहा।
उम्र में बड़ी थी युवती
हरिद्वार। अब तक ये भी पता नहीं चल सका है कि प्रेम प्रसंग कब से चल रहा था। हां, ये जरूर सामने आया है कि युवती युवक से पांच साल बड़ी थी। युवक की उम्र महज बीस वर्ष ही है और युवती की उम्र 25 वर्ष बताई जा रही है।
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शनिवार सुबह करीब ग्यारह बजे होटल सम्राट के प्रबंधन ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि उनके यहां ठहरा एक युगल सुबह से कमरे से बाहर नहीं आया है। कई बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने पहुंचकर कमरे के दरवाजे की कुंडी तुड़वाई। अंदर का दृश्य देखकर पुलिस सन्न रह गई। बेड पर युवती और नीचे युवक का शव पड़ा था। युवती के मुंह से झाग निकल रहा था। घटनास्थल से एक संक्षिप्त सुसाइड नोट, आईडी प्रूफ, नुवान की दो शीशी, लंच बॉक्स एवं एक बैग बरामद हुआ।
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कोतवाली प्रभारी योगेंद्र पाल सिंह भदौरिया ने बताया कि आधार कार्ड के अनुसार युवक का नाम सुमित दीक्षित पुत्र अतेेंद्र दीक्षित निवासी गांव लोधई जलेसर आरएस जिला हाथरस यूपी और युवती का नाम सुसाइड नोट एवं होटल के रजिस्टर में नंदिनी दीक्षित लिखा है। कोतवाली प्रभारी के अनुसार सुसाइड नोट में मुनीश, शीले एवं जय दीक्षित नाम का जिक्र करते हुए लिखा है कि यह ही उनकी मौत के लिए जिम्मेदार है। इनके उत्पीड़न से आजिज आकर ही वह आत्महत्या कर रहे हैं। कोतवाली प्रभारी के अनुसार युवक के भाई से बात हुई है। उसने बताया है कि, युवती उन्हीं के गांव की रहने वाली है, लेकिन उनका परिवार कई वर्ष से किसी दूसरे शहर में रह रहा है। बकौल कोतवाली प्रभारी कि इससे ज्यादा जानकारी भाई ने नहीं दी। परिजनाें के आने पर ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी। बताया कि दो सितंबर की शाम साढ़े छह बजे प्रेमी युगल यहां आकर ठहरा था।
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तीन नाम खोलेंगे आत्महत्या की गुत्थी
सुसाइड नोट में लिखे नाम ही आत्महत्या की गुत्थी सुलझाएंगे। इसके लिए मृत युगल के परिजनों के आने का पुलिस इंतजार कर रही है।
एक बड़ा सवाल हर किसी को कौंध रहा है कि आखिर प्रेमी जोड़े ने यह कदम क्यों उठाया। उन्हें प्रताड़ित करने वाले तीन लोग कौन हैं। आखिर वो लोग किस तरह से प्रेमी जोड़े को आघात पहुंचा रहे थे कि उन्होंने मौत को ही आखिरी रास्ता चुनना ठीक समझा। मौत की पटकथा लिखने की हसरत से ही प्रेमी जोड़ा यहां पहुंचा था, क्योंकि, सुसाइड नोट पर दोनों ने अपने- अपने हस्ताक्षर किए हैं। युवती ने भी अपने नाम के आगे युवक की जाति यानि दीक्षित लिखा है।
महज चार लाइन के सुसाइड नोट में प्रेमी जोड़े ने जिंदगी से मुंह मोड़ लेने की दास्तां लिखी है। जाहिर है कि वह इतने परेशान थे कि जान देना ही उन्हें आखिरी विकल्प दिखा। शुक्रवार को वह यहां पहुंचे थे। तब होटल के रजिस्टर में भी युवक ने सही नाम पता दर्ज कराया था और प्रेमिका को अपनी पत्नी बताया था। यही नहीं वे शाम के वक्त घूमने भी गए थे। फिर लौटकर दरवाजा बंद किया था। कमरे से अमरूद का आधा टुकड़ा मिला था। माना जा रहा है कि अमरूद में मिलाकर निवान खाई गई है।
हरिद्वार। युवक के बैग से एक स्थानीय रेडीमेड गारमेंट के शोरूम की रसीद मिली है। उस पर 17 अगस्त की तारीख दर्ज है। इससे ऐसा लगता है कि युवक यहंा पहले भी आया था। तब युवती उसके साथ थी या नहीं, ये नहीं पता। युवक ने गाजियाबाद के बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते की चेकबुक भी छोड़ी है। हर चेक में उसने अपने साइन किए हुए हैं और चेक पर अपने पिता का नाम लिखा है। ब्यूरो
घर से लाए थे खाना
हरिद्वार। प्रेमी युगल अपने घर से खाना लेकर आया था। बैग से एक लंच बॉक्स के तीन बॉक्स मिले है। उनमे खाना नहीं है। यानि कि युगल मे से कोई न कोई खाना लेकर आया था। ब्यूरो
भाई ये तो सुसाइड गली है
हरिद्वार। चित्रा टाकीज वाली गली में एक पखवाड़े में सुसाइड करने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले ऊधमसिंह नगर के जसपुर के रहने वाले युगल ने आत्महत्या की थी। घटनास्थल पर मौजूद हर व्यक्ति इस गली को सुसाइड गली बोलता रहा।
उम्र में बड़ी थी युवती
हरिद्वार। अब तक ये भी पता नहीं चल सका है कि प्रेम प्रसंग कब से चल रहा था। हां, ये जरूर सामने आया है कि युवती युवक से पांच साल बड़ी थी। युवक की उम्र महज बीस वर्ष ही है और युवती की उम्र 25 वर्ष बताई जा रही है।