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25 यात्रियों की जान बाल-बाल बची
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Wed, 16 Dec 2015 11:57 PM IST
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हरिद्वार। हरिद्वार से जोशीमठ जा रही रोडवेज की बस में सवार 25 यात्री वीआईपी घाट के पास हुए हादसे में बाल-बाल बच गए। आगे जा रहे एक वाहन को ओवरटेक करते हुए रोडवेज की बस ट्रक से जा भिड़ी। मौके पर पहुंचे रोडवेज के अधिकारियों ने ट्रक चालक से यात्रियों का टिकट के पैसे वापस लौटावाए ।
बुधवार की सुबह साढे पांच बजे बस यूके 07पीए- 2490 जोशीमठ-औली जा रही थी 15 मिनट बाद करीब पौने छह बजे बस सर्वानंद घाट पुराना टोल बैरियर के सामने दूसरे वाहन को ओवरटेक करते हुए ट्रक से जा भिड़ी। जिससे बस का आगे का शीशा चकनाचूर हो गया, इंजन भी क्षतिग्रस्त हो गया। बस इतनी तेज गति में थी कि ट्रक से टकराने के बाद गलत साइट कच्चे में उतर गई। बस में 25 यात्री सवार थे। शुक्र यह हुआ कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि यदि ट्रक चालक ब्रेक न लगाता तो मंजर कुछ और ही होता। सूचना के बाद रोडवेज के एजीएम सुरेश चौहान और एसएसआई रामकुमार ने मौके पर पहुंचकर बस यात्रियों के टिकट के पैसे वापस दिलवाए। ट्रक चालक से भी समझौता कराया। बरेली में हुई रोडवेज बस दुर्घटना के महज 11 दिन बाद ही दूसरी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने रोडवेज बसों के संचालन पर प्रश्न चिह्न लगने शुरू हो गए हैं। इस बस को सुनील तोमर चला रहा था, जो एजेंसी चालक है। जबकि बरेली में पांच दिसंबर को दुर्घटनाग्रस्त हुई बस चालक नौशाद खान भी एजेंसी चालक था।
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हवाई साबित हुए रोडवेज के दावे
बरेली में रोडवेज की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के दिन रोडवेज सीनियर फोरमैन पंकज ऐरन ने कहा था कि कोहरे से बचाव के लिए रोडवेज प्रशासन की ओर से रोडवेज की बसों फाग लाइट और पीले बल्ब लगाए जा रहे हैं। लगभग सभी बसों पर बल्ब लगा दिए लेकिन जो बस सर्वानंद घाट के सामने दुर्घटनाग्रस्त हुई उसमें न तो फाग लाइट थी, न पीले बल्ब थे, न ही फ्रंट पर रेडियम की पट्टी लगी थी।
इनका कहना है
प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण चालक की गलती नजर आ रही है। बस को हुई क्षति बस चालक से वसूल की जाएगी। साथ ही उसे ट्रैफिक नियमों का पालन करने को कहा जाएगा। यात्री सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा।
सुरेश चौहान, एजीएम रोडवेज
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बुधवार की सुबह साढे पांच बजे बस यूके 07पीए- 2490 जोशीमठ-औली जा रही थी 15 मिनट बाद करीब पौने छह बजे बस सर्वानंद घाट पुराना टोल बैरियर के सामने दूसरे वाहन को ओवरटेक करते हुए ट्रक से जा भिड़ी। जिससे बस का आगे का शीशा चकनाचूर हो गया, इंजन भी क्षतिग्रस्त हो गया। बस इतनी तेज गति में थी कि ट्रक से टकराने के बाद गलत साइट कच्चे में उतर गई। बस में 25 यात्री सवार थे। शुक्र यह हुआ कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ।
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बताया जा रहा है कि यदि ट्रक चालक ब्रेक न लगाता तो मंजर कुछ और ही होता। सूचना के बाद रोडवेज के एजीएम सुरेश चौहान और एसएसआई रामकुमार ने मौके पर पहुंचकर बस यात्रियों के टिकट के पैसे वापस दिलवाए। ट्रक चालक से भी समझौता कराया। बरेली में हुई रोडवेज बस दुर्घटना के महज 11 दिन बाद ही दूसरी बस के दुर्घटनाग्रस्त होने रोडवेज बसों के संचालन पर प्रश्न चिह्न लगने शुरू हो गए हैं। इस बस को सुनील तोमर चला रहा था, जो एजेंसी चालक है। जबकि बरेली में पांच दिसंबर को दुर्घटनाग्रस्त हुई बस चालक नौशाद खान भी एजेंसी चालक था।
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हवाई साबित हुए रोडवेज के दावे
बरेली में रोडवेज की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के दिन रोडवेज सीनियर फोरमैन पंकज ऐरन ने कहा था कि कोहरे से बचाव के लिए रोडवेज प्रशासन की ओर से रोडवेज की बसों फाग लाइट और पीले बल्ब लगाए जा रहे हैं। लगभग सभी बसों पर बल्ब लगा दिए लेकिन जो बस सर्वानंद घाट के सामने दुर्घटनाग्रस्त हुई उसमें न तो फाग लाइट थी, न पीले बल्ब थे, न ही फ्रंट पर रेडियम की पट्टी लगी थी।
इनका कहना है
प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण चालक की गलती नजर आ रही है। बस को हुई क्षति बस चालक से वसूल की जाएगी। साथ ही उसे ट्रैफिक नियमों का पालन करने को कहा जाएगा। यात्री सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा।
सुरेश चौहान, एजीएम रोडवेज