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डाक्टर से आध्यात्मिक गुरु तक का सफर
hridwar uttrakhanda india
Updated Wed, 04 May 2016 11:50 PM IST
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डाक्टर से संत तक की यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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हरिद्वार। शांतिकुंज प्रमुख डा. प्रणव पंड्या का जन्म आठ नवंबर 1950 को मुंबई में सत्यनारायण पंड्या और सरस्वती पंड्या के घर हुआ था। उनकी शिक्षा दीक्षा इंदौर में हुई। इनके पिता न्यायिक सेवा में वरिष्ठ अधिकारी रहे। उनके सेवानिवृत्ति के बाद से वह शांतिकुंज में रहते हैं। जबकि माताजी का देहावसान हो चुका है।
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डा. प्रणव पंड्या ने एमजीएम मेडिकल कालेज इंदौर से जनवरी 1972 में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। यहीं से दिसंबर 1975 में मेडीसन में एमडी की उपाधि और स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अमेरिका से मिले लुभावने प्रस्ताव के बावजूद उन्होंने भारत में सेवा करना स्वीकारा। विद्यार्थी जीवन में न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी के प्रख्यात विशेषज्ञों से जुड़कर मार्गदर्शन प्राप्त किया। अनुसंधान पत्र में उनके लेख प्रकाशित हैं। उन्होंने सायकोसोमेटिक बीमारियों के उपचार में विशेष रुचि ली। जून 1976 से सितंबर 1978 तक भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) हरिद्वार और भोपाल के अस्पतालों में इन्टेंसिव केयर यूनिट के प्रभारी रहे। उसके बाद भारतीय चिकित्सक संघ के सदस्य बने। वर्ष 1963 में वह शांतिकुंज के युग निर्माण योजना मिशन के संपर्क में आए। वर्ष 1969 से 1977 के बीच गायत्री तपोभूमि मथुरा और शांतिकुंज हरिद्वार में लगे कई शिविरों में भाग लिया। सितंबर 1978 में नौकरी से त्यागपत्र देकर स्थायी रूप से हरिद्वार आए।
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पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के मार्गदर्शन में अध्यात्म और विज्ञान के समन्वय के लिए शोध संस्थान हरिद्वार की स्थापना जून 1978 में की। तब से इस संस्थान के निदेशक हैं। इस संस्था की आधुनिक प्रयोगशाला में पूज्य गुरुदेव के मार्गदर्शन में साधना के वैज्ञानिक पहलुओं पर प्रयोग किए जा रहे हैं। अभी तक शांतिकुंज आए हुए 80 हजार से अधिक साधकों पर यह प्रयोग-परीक्षण किए जा चुके हैं। संस्थान सभी आवश्यक विषयों पर पचास हजार से अधिक पुस्तकों के पुस्तकालय से सुसज्जित है।
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सम्मान एवं पुरस्कार
वर्ष 1998 में ज्ञान भारती सम्मान से सम्मानित। 1999 में हिंदू ऑफ दि इयर पुरस्कार से एफआईए, एफएचए द्वारा सम्मानित। अमेरिका की विश्वविख्यात अंतरिक्ष इकाई %नासा% द्वारा वैज्ञानिक अध्यात्मवाद के प्रचार प्रसार के लिए संस्तुति एवं विशेष सम्मान।ऽभाई हनुमान प्रसाद पोद्दार राष्ट्र सेवा सम्मानऽ पुरस्कार से 2000 में सम्मानित।