{"_id":"615872898ebc3eb5dc29c0c6","slug":"the-heart-of-the-market-throbbed-with-the-oxygen-of-shraddha-haridwar-news-drn392205232","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमावस्या तक धर्मनगरी में रहेगा श्रद्धालुओं का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमावस्या तक धर्मनगरी में रहेगा श्रद्धालुओं का सैलाब
विज्ञापन
श्राद्ध पक्ष की एकादशी पर शनिवार को बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे। छह अक्तूबर को अमावस्या तक इसी तरह से भीड़ उमड़ने की संभावना है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे हरिद्वार के कारोबार को संजीवनी मिलेगी। धर्मनगरी में लगातार बढ़ रही बाहरी लोगाें की भीड़ से सभी व्यवसायी खुश हैं।
मालूम हो कि करीब डेढ़ साल पहले कोरोना संक्रमण फैलने के बाद देशभर में लॉकडाउन लगा दिया गया था। इससे सभी तरह की गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई थी। कोरोना संक्रमण की पहली लहर कमजोर पड़ी तो बाजार खुलने लगे थे, लेकिन इसी साल मार्च में फिर से कोरोना के केस बढ़ने लगे। अप्रैल और मई में कोरोना ने जमकर कहर बरपाया और कोविड कर्फ्यू लगाना पड़ा। इतना ही नहीं महाकुंभ भी सांकेतिक कराना पड़ा था। चारधाम यात्रा भी शुरू नहीं हो सकी और इसके बाद कांवड़ यात्रा भी रद्द कर दी गई थी। इसका सीधा असर हरिद्वार के कारोबार पर पड़ा। दूसरी लहर कमजोर पड़ी तो प्रदेश सरकार ने कोविड कर्फ्यू में धीरे-धीरे रियायतें देनी शुरू की। पिछले महीने प्रदेश सरकार के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ चारधाम यात्रा शुरू करने की अनुमति दी। 18 सितंबर के बाद से लगातार यात्रियों के साथ पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी थी।
कोरानाकाल के डेढ़ साल में पहली बार शनिवार को हरिद्वार की हर गली, सड़क और हाईवे पर श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। बाजारों श्रद्धालुओं की हर दुकान पर भीड़ नजर आई। शुक्रवार की रात से ही शहर के सभी होटल, धर्मशालाओं, लॉज में कमरे फुल हो गए थे। यात्रियों ने सोमवार की सुबह तक के लिए कमरे बुक किए हुए हैं। वहीं मोती बाजार, अपर रोड, बड़ा बाजार, सब्जी मंडी ललतारौ पुल, शिवमूर्ति के बाजारों की दुकानों में शनिवार को भारी भीड़ नजर आई। यात्री ट्रेवल्स एजेंसियों से ऋषिकेश, देहरादून व मसूरी के लिए वाहन बुक करा रहे हैं। मालूम हो कि चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से ही यहां काफी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। चारधाम जाने वाली यात्रियों के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी की सैर करने वालों की संख्या काफी ज्यादा है।
विज्ञापन
---------
बाजारों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल होने से दुकानदारों को राहत मिलेगी। जब यात्री आता है तो खरीदारी भी होती है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है।
- कमल बृजवासी, शहर अध्यक्ष प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
----------
वीकेंड के चलते सुस्त पड़े कारोबार को राहत मिली है। कोरोनाकाल के चलते कारोबार ठप हो गया था। अब श्रद्धालुओं की भीड़ आने लगी है। इससे कारोबार को गति मिल रही है।
- आशुतोष शर्मा, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन हरिद्वार
विज्ञापन
मालूम हो कि करीब डेढ़ साल पहले कोरोना संक्रमण फैलने के बाद देशभर में लॉकडाउन लगा दिया गया था। इससे सभी तरह की गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई थी। कोरोना संक्रमण की पहली लहर कमजोर पड़ी तो बाजार खुलने लगे थे, लेकिन इसी साल मार्च में फिर से कोरोना के केस बढ़ने लगे। अप्रैल और मई में कोरोना ने जमकर कहर बरपाया और कोविड कर्फ्यू लगाना पड़ा। इतना ही नहीं महाकुंभ भी सांकेतिक कराना पड़ा था। चारधाम यात्रा भी शुरू नहीं हो सकी और इसके बाद कांवड़ यात्रा भी रद्द कर दी गई थी। इसका सीधा असर हरिद्वार के कारोबार पर पड़ा। दूसरी लहर कमजोर पड़ी तो प्रदेश सरकार ने कोविड कर्फ्यू में धीरे-धीरे रियायतें देनी शुरू की। पिछले महीने प्रदेश सरकार के अनुरोध पर हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ चारधाम यात्रा शुरू करने की अनुमति दी। 18 सितंबर के बाद से लगातार यात्रियों के साथ पर्यटकों की संख्या बढ़ने लगी थी।
विज्ञापन
कोरानाकाल के डेढ़ साल में पहली बार शनिवार को हरिद्वार की हर गली, सड़क और हाईवे पर श्रद्धालुओं का सैलाब नजर आया। बाजारों श्रद्धालुओं की हर दुकान पर भीड़ नजर आई। शुक्रवार की रात से ही शहर के सभी होटल, धर्मशालाओं, लॉज में कमरे फुल हो गए थे। यात्रियों ने सोमवार की सुबह तक के लिए कमरे बुक किए हुए हैं। वहीं मोती बाजार, अपर रोड, बड़ा बाजार, सब्जी मंडी ललतारौ पुल, शिवमूर्ति के बाजारों की दुकानों में शनिवार को भारी भीड़ नजर आई। यात्री ट्रेवल्स एजेंसियों से ऋषिकेश, देहरादून व मसूरी के लिए वाहन बुक करा रहे हैं। मालूम हो कि चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से ही यहां काफी संख्या में यात्री पहुंच रहे हैं। चारधाम जाने वाली यात्रियों के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी की सैर करने वालों की संख्या काफी ज्यादा है।
विज्ञापन
---------
बाजारों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल होने से दुकानदारों को राहत मिलेगी। जब यात्री आता है तो खरीदारी भी होती है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है।
- कमल बृजवासी, शहर अध्यक्ष प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
----------
वीकेंड के चलते सुस्त पड़े कारोबार को राहत मिली है। कोरोनाकाल के चलते कारोबार ठप हो गया था। अब श्रद्धालुओं की भीड़ आने लगी है। इससे कारोबार को गति मिल रही है।
- आशुतोष शर्मा, अध्यक्ष होटल एसोसिएशन हरिद्वार