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निगम को मालामाल कर गया अर्द्धकुंभ
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Sun, 24 Apr 2016 12:22 AM IST
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हरिद्वार। आर्थिक रूप से कमजोर नगर निगम को अर्द्धकुंभ मेला मालामाल कर गया। पूरे निगम क्षेत्र में लाइट और साफ-सफाई व्यवस्था के लिए इसे आठ करोड़ रुपये मिले थे। चार करोड़ रुपये में पूरी व्यवस्थाएं कर इसने जरूरी संसाधन भी जुटाए। लेकिन शेष चार करोड़ रुपये सरकार के बचत खाते में चले गए।
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अर्द्धकुंभ बजट से शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के लिए नगर निगम को 2 करोड़ 50 लाख रुपये दिए गए थे। इस बजट में से निगम ने 90 लाख रुपये खर्च किए। शेष एक करोड़ 60 लाख रुपये बच गए। इसके अलावा शहर की साफ-सफाई व्यवस्था, सफाई उपकरण और सफाई कर्मियों की वर्दी आदि के लिए पांच करोड़ 44 लाख रुपये का बजट दिया गया था।
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इन पूरी व्यवस्थाओं में निगम के 2 करोड़ 46 लाख रुपये खर्च हुए। शेष तीन करोड़ रुपये बच गए। गौरतलब है कि नगर निगम ने ही कार्यों के इस्टीमेट बनाकर अर्द्धकुंभ मेला प्रशासन से धनराशि की डिमांड की थी। अब उसके अधिकारी दावा कर रहे हैं कि उन्होंने कम रेट पर टेंडर करवाकर सरकार की बचत की है। लेकिन वह यह नहीं बता पा रहे हैं कि चार करोड़ के बजट को आठ करोड़ में क्यों बना दिया था।
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इनका कहना है
ढाई करोड़ रुपये स्ट्रीट लाइट को मिले थे। इसके टेंडर इतने कम में आए कि 90 लाख रुपये में सारी लाइटें आ गईं। हमने बची धनराशि से शहर के अन्य क्षेत्रों में लाइटें मंगाने के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन शासन ने अनुमति ही नहीं दी। जिसकी वजह से पैसा सरकार को लौटाना पड़ा। इसी प्रकार सफाई उपकरणों की खरीद में भी काफी बचत हुई है। सही स्थिति का पता 30 अप्रैल के बाद चल पाएगा। लेकिन निगम ने सरकार के करीब 4 करोड़ रुपये बचाए हैं।
विप्रा त्रिवेदी, नगर आयुक्त