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करंट लगने से गुलदार के बच्चे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Thu, 08 Dec 2016 09:02 PM IST
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वन विभाग की हरिद्वार रेंज में रोशनाबाद स्थित एक ट्रांसफार्मर से करंट लगने पर गुलदार के बच्चे की मौत हो गई। सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुंच कर निरीक्षण किया।
वन विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को करीब सुबह नौ बजे गुलदार का एक साल का बच्चा रोशनाबाद स्थित एसएसपी कार्यालय के समीप राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से निकलकर बाहर आ गया। इसी बीच वह एसएसपी कार्यालय के पास जमीन पर रखे एक ट्रांसफार्मर के पास जा पहुंचा। यहां पर ट्रांसफार्मर पर लगे तारों से करंट लगने से गुलदार के बच्चे की मौत हो गई। सूचना पर रेंजर हरिद्वार महेश प्रसाद सेमवाल, डिप्टी रेंजर ओपी सिंह ने घटना स्थल पर पहुंचकर मुआयना किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. रमन चोपड़ा और डा. अशोक कुमार ने गुलगार के बच्चे का पोस्टमार्टम किया। वन विभाग ने प्रथमदृष्टया ऊर्जा निगम को दोषी मानते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।
तो बच जाती गुलदार के बच्चे की जान
एसएसपी कार्यालय के पास जमीन पर रखे ट्रांसफार्मर के चारों ओर यदि सुरक्षा दीवार बनी होती तो शायद गुलदार के बच्चे की जान बच जाती। जमीन से कुछ फीट की ऊंचाई पर ट्रांसफार्मर रखा गया। लेकिन उसके चारों ओर कोईं सुरक्षा दीवार नहीं बनाया गई। जिसके चलते गुलदार का बच्चा आसानी से ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गया और करंट की चपेट में आ गया।
वन विभाग के मुताबिक बृहस्पतिवार को करीब सुबह नौ बजे गुलदार का एक साल का बच्चा रोशनाबाद स्थित एसएसपी कार्यालय के समीप राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से निकलकर बाहर आ गया। इसी बीच वह एसएसपी कार्यालय के पास जमीन पर रखे एक ट्रांसफार्मर के पास जा पहुंचा। यहां पर ट्रांसफार्मर पर लगे तारों से करंट लगने से गुलदार के बच्चे की मौत हो गई। सूचना पर रेंजर हरिद्वार महेश प्रसाद सेमवाल, डिप्टी रेंजर ओपी सिंह ने घटना स्थल पर पहुंचकर मुआयना किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. रमन चोपड़ा और डा. अशोक कुमार ने गुलगार के बच्चे का पोस्टमार्टम किया। वन विभाग ने प्रथमदृष्टया ऊर्जा निगम को दोषी मानते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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तो बच जाती गुलदार के बच्चे की जान
एसएसपी कार्यालय के पास जमीन पर रखे ट्रांसफार्मर के चारों ओर यदि सुरक्षा दीवार बनी होती तो शायद गुलदार के बच्चे की जान बच जाती। जमीन से कुछ फीट की ऊंचाई पर ट्रांसफार्मर रखा गया। लेकिन उसके चारों ओर कोईं सुरक्षा दीवार नहीं बनाया गई। जिसके चलते गुलदार का बच्चा आसानी से ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गया और करंट की चपेट में आ गया।
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