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गंगा में खनन हुआ तो केंद्र भी दोषी: शिवानंद
hridwar uttrakhanda india
Updated Sun, 24 Apr 2016 11:59 PM IST
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हरिद्वार। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने केंद्र सरकार की ओर से गंगा और उसकी पांच सहयोगी नदियों में खनन की अनुमति देने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि अगर गंगा में खनन हुआ तो केंद्र सरकार भी बराबर की जिम्मेदार होगी।
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तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से हरिद्वार में गंगा और उसकी सहयोगी नदियों में खनन की अनुमति प्रदान की गई है। केंद्र सरकार के इस निर्णय का विरोध करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि जिस समय राज्य सरकार ने यह प्रस्ताव भेजा था उसी समय मातृसदन की ओर से आपत्ति दर्ज करा दी गई थी। पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट में इस पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि उनकी आपत्ति के बाद केंद्र सरकार की ओर से इस बारे में दोबारा जांच कराने के आदेश भी दिए गए थे जांच अभी जारी है। इसके बाद भी खनन की अनुमति दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर खनन खोला जाता है तो केंद्र सरकार भी हरीश रावत सरकार की तरह ही गंगा का दोहन करने को लेकर बराबर की जिम्मेदार होगी। उन्होंने हरिद्वार ग्रामीण क्षेत्र के विधायक स्वामी यतीश्वरानंद और लक्सर के विधायक संजय गुप्ता पर खनन माफिया का संरक्षण देने का आरोप लगाया। निवर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत की ओर से 25 अप्रैल को कनखल के दक्ष मंदिर से हरकी पैड़ी तक पैदल मार्च निकाले जाने के बारे में उन्होंने कहा कि रावत को हरकी पैड़ी तक नहीं बल्कि दक्ष मंदिर से भोगपुर और बिशनुपर कुंडी तक गंगा किनारे मार्च निकालकर यह देखना चाहिए कि अवैध खनन कराकर उन्होंने गंगा की क्या दुर्दशा की है। उन्होंने कहा कि मातृसदन गंगा की रक्षा के लिए सतत संघर्ष जारी रखेगा।
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